हल्द्वानी। एमबी राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय (एमबीपीजी) में छात्रसंघ चुनाव को लेकर सियासी सरगर्मियां तेज हो गई हैं। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) ने अध्यक्ष पद के लिए धीरज बिष्ट को अपना अधिकृत प्रत्याशी घोषित किया है। टिकट की घोषणा के बाद धीरज बिष्ट लगातार छात्र-छात्राओं और संगठन से जुड़े कार्यकर्ताओं के बीच संपर्क बढ़ाते नजर आ रहे हैं।
धीरज बिष्ट की इस तस्वीर में भी उनके साथ एबीवीपी का पटका नजर आ रहा है। टिकट मिलने के बाद उनके समर्थकों में उत्साह देखने को मिला है और अब चुनावी अभियान को धार देने की तैयारी शुरू हो गई है।
पुराने कार्यकर्ताओं और दिग्गजों के अनुभव पर नजर
छात्रसंघ चुनाव में धीरज बिष्ट के सामने अब सबसे बड़ी चुनौती संगठन के भीतर बने माहौल को संभालते हुए चुनावी अभियान को आगे बढ़ाने की है। टिकट वितरण के बाद एबीवीपी के कुछ पुराने कार्यकर्ताओं में नाराजगी सामने आई है। वहीं संगठन की ओर से कहा गया है कि प्रत्याशी चयन विचार-विमर्श के बाद किया गया है और कार्यकर्ताओं की नाराजगी को दूर किया जाएगा।
ऐसे में धीरज बिष्ट के अभियान में संगठन के अनुभवी कार्यकर्ताओं और पुराने छात्र नेताओं की भूमिका महत्वपूर्ण मानी जा रही है। पुराने दिग्गजों के अनुभव और नए चेहरे की सक्रियता का मेल आने वाले दिनों में उनके प्रचार अभियान का प्रमुख हिस्सा बन सकता है।
धीरज बिष्ट बोले—संगठन की उम्मीदों पर खरा उतरने का प्रयास
धीरज बिष्ट ने प्रत्याशी घोषित किए जाने के बाद संगठन का आभार जताते हुए कहा है कि वह एबीवीपी की मजबूती के लिए काम करते रहे हैं और संगठन ने उन पर जो विश्वास जताया है, उस पर खरा उतरने का प्रयास करेंगे। एक रिपोर्ट के अनुसार धीरज बिष्ट ने खुद को वॉलीबॉल का नेशनल खिलाड़ी भी बताया है।
टिकट के बाद बदले चुनावी समीकरण
धीरज बिष्ट को टिकट मिलने के बाद एमबीपीजी कॉलेज के अध्यक्ष पद का चुनाव और चर्चित हो गया है। टिकट के दूसरे दावेदार आर्यन बेलवाल ने निर्दलीय चुनाव लड़ने की घोषणा कर दी है, जबकि एनएसयूआई की ओर से मेहुल शाह को अध्यक्ष पद का प्रत्याशी घोषित किया गया है। इस वजह से अध्यक्ष पद की चुनावी तस्वीर फिलहाल त्रिकोणीय नजर आ रही है।
टिकट वितरण के बाद संगठन के भीतर सामने आई नाराजगी के बीच अब धीरज बिष्ट के सामने अपनी टीम को एकजुट रखने और छात्र-छात्राओं के बीच अपना अभियान मजबूत करने की चुनौती होगी। आने वाले दिनों में प्रचार अभियान तेज होने के साथ एमबीपीजी की छात्र राजनीति में कई नए समीकरण देखने को मिल सकते हैं।
फिलहाल निगाहें इस बात पर हैं कि धीरज बिष्ट अपने साथ संगठन के पुराने अनुभव और युवा कार्यकर्ताओं की ऊर्जा को किस तरह चुनावी अभियान में आगे लेकर जाते हैं।


