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एमबी इंटर कॉलेज के मैदान में आयोजित सरस आजीविका मेले के दौरान  शुक्रवार को स्वच्छ भारत मिशन में  लोगों को अपने घर, क्षेत्र एवं नगर को स्वच्छ बनाने के बारे में बताया गया। स्वच्छ भारत मिशन के तहत ग्रामीण और शहरी इलाकों में ठोस और तरल अपशिष्ट का प्रबंधन किया जाता है। इसका मकसद है कि जनपद खुले में शौच से मुक्त हो और स्वच्छता का स्तर बढ़े।

कार्यक्रम में आयोजित गोष्ठी में नगर आयुक्त ऋचा सिंह ने लोगों से अपने घर के कूड़े को नगर निगम के कूडा वाहनों में ही डालने की अपील की। उन्होंने कहा कि प्रत्येक वार्ड में नगर निगम के कूडा वाहन प्रतिदिन कूडा एकत्रित करते हैं, लेकिन इसके बावजूद लोग कूड़ा खुले में डाल रहे हैं।  उन्होंने कहा कि इसे लेकर लोगों को जागरूक करने की आवश्यकता है।

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गोष्ठी में तरल अपशिष्ट के बारे में बताया कि जब पानी एक बार इस्तेमाल हो जाता है और फिर मानव उपभोग या किसी अन्य उपयोग के लिए उपयुक्त नहीं रह जाता है, तो उसे तरल अपशिष्ट माना जाता है।

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उन्होंने कहा कि ठोस अपशिष्ट ग्रामीण क्षेत्रों में, रसोई, उद्यान, मवेशी शेड, कृषि, और धातु, कागज, प्लास्टिक, कपड़ा, आदि जैसी सामग्री से निकलने वाले अपशिष्ट शामिल हैं। वे कार्बनिक और अकार्बनिक पदार्थ ग्रामीण क्षेत्रों में अधिकांश घरेलू कचरा जैविक होता है, जिसमें बहुत कम अकार्बनिक पदार्थ होते हैं, और यह गैर विषैला होता है। पर्यावरण के अनुकूल होने के कारण, ग्रामीण क्षेत्रों में कचरे के प्रबंधन के लिए खाद बनाना एक बहुत ही उपयुक्त तरीका है।

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कहा कि सरकार स्वच्छता पर लोगों को जागरूक करने के लिए अनेक कार्य किये जा रहे हैं। इस कार्य के लिए स्वयं सेवी संस्था, बैणी सेना का एक अहम भूमिका है।  कहा कि बैणी सेना नगर निगम में एक अहम भूमिका निभा रही है।  इस मौके पर विभिन्न विभागों के अधिकारी, विशेषज्ञ, समूहों के प्रतिनिधि आदि मौजूद रहे।

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