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चंपावत जिले के लोहाघाट तहसील क्षेत्र में उस वक्त एक बड़ा सड़क हादसा होने से टल गया, जब तेज रफ्तार कार अनियंत्रित होकर पैराफिट से टकरा गई. हादसे के दौरान कार इतनी स्पीड में थी कि कार के आगे के दोनों टायर टूट कर अलग हो गए. वहीं, कार पैराफिट में लटकने की वजह से खाई में गिरने से बच गई, जिससे बड़ा हादसा होते-होते टल गया. उधर, रुड़की में एक महिला को गंगनहर में डूबने से बचाया गया है.

जानकारी के मुताबिक, लोहाघाट-घाट राष्ट्रीय राजमार्ग पर लीसा डिपो के पास एक बड़ा हादसा होने से बाल-बाल बच गया, जब तेज स्पीड से पिथौरागढ़ की ओर जा रही कार संख्या UK 05 F 0653 अचानक अनियंत्रित होकर सड़क किनारे पैराफिट से टकरा गई. टक्कर इतनी तेज थी कि आगे के टायर टूट कर कार से अलग हो गए. इस दुर्घटना में कार सवार लोगों को मामूली चोटें आई हैं.

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बाराकोट चौकी प्रभारी हरीश प्रसाद ने बताया सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और दुर्घटना की जानकारी ली. उन्होंने बताया दुर्घटना में कार सवारों को मामूली चोटें आई हैं. वहीं, स्थानीय निवासी सैंडी बोहरा ने बताया टक्कर इतनी जोरदार थी कि कार के आगे के दोनों टायर टूट कर अलग हो गए. जबकि, कार के एयरबैग खुलने से कार सवारों की जान बच गई. स्थानीय लोगों की मानें तो अगर कार पैराफिट में नहीं लटकती तो 100 मीटर गहरी खाई में चली जाती और एक जानलेवा हादसा हो सकता था.

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रुड़की में गंगनहर डूब रही महिला की मोनू ने बचाई जान: रुड़की में अचानक एक महिला गंगनहर में उतर गई. जिससे वो डूबने लगी. उसे डूबता देख लोगों ने शोर मचा दिया. इसी बीच फरिश्ता बनकर पहुंचे मोनू जलवीर ने अपनी जान जोखिम में डालकर कड़ी मशक्कत के बाद महिला को सकुशल गंगनहर से बाहर निकाला और उसकी जान बचा ली.

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मोनू ने महिला के पेट में भरे पानी को निकाला, जिसके बाद महिला को होश आया. महिला ने होश में आने के बाद बताया कि उसने गृह क्लेश के चलते यह कदम उठाया था. सूचना पर पहुंची पुलिस ने महिला के परिजनों को मौके पर बुलाया और महिला को उन्हें सौंप दिया है. मोनू पिछले 17 सालों से लोगों और जानवरों की जान बचा रहा है.

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