नैनीताल। पर्यटन नगरी नैनीताल में बिना वैध परमिट के धड़ल्ले से दौड़ रहे रेंटल दोपहिया और अन्य व्यावसायिक वाहनों के खिलाफ परिवहन विभाग ने अब तक का सबसे बड़ा हंटर चलाया है। उच्च न्यायालय के कड़े आदेशों और जिला प्रशासन के निर्देशों के अनुपालन में परिवहन विभाग की टीम ने शहर में एक विशेष जांच अभियान छेड़ा, जिससे अवैध वाहन संचालकों में हड़कंप मच गया। इस कार्रवाई के दौरान नियमों की धज्जियां उड़ाने वाले कुल 74 वाहनों के चालान काटे गए, जबकि एक वाहन को मौके पर ही सीज कर दिया गया।
कोर्ट के आदेश पर टूटी परिवहन विभाग की नींद
शहर की यातायात व्यवस्था को पटरी पर लाने के लिए परिवहन विभाग की टीम ने माल रोड समेत नगर के विभिन्न चौराहों पर सघन चेकिंग की। इस अभियान के तहत रेंटल बाइक, टू-व्हीलर टैक्सी और अन्य कमर्शियल गाड़ियों को रोककर उनके दस्तावेजों को खंगाला गया।
कार्रवाई का पूरा ब्योरा:
- 68 रेंटल व टैक्सी बाइक: बिना वैध परमिट और नियमों के विपरीत संचालन पर चालान।
- 02 टैक्सी कारें व 02 अन्य वाहन: यातायात नियमों के उल्लंघन में चालान।
- 01 टैक्सी वाहन: गंभीर अनियमितताएं मिलने पर मौके पर ही सीज।
साल 2017 से बंद हैं नए परमिट: एआरटीओ
अभियान की जानकारी देते हुए संभागीय परिवहन अधिकारी (ARTO) अरविंद पांडेय ने एक बड़ा खुलासा किया। उन्होंने बताया कि वर्ष 2017 के बाद से नैनीताल नगर क्षेत्र के भीतर किसी भी नए व्यावसायिक दोपहिया वाहन (रेंटल/टैक्सी बाइक) के लिए परमिट जारी नहीं किया गया है। ऐसे में वर्तमान में शहर में बिना वैध परमिट के जितनी भी रेंटल बाइकें चल रही हैं, वे पूरी तरह गैर-कानूनी हैं।
आगे भी जारी रहेगा ‘क्लीन स्वीप’ अभियान
एआरटीओ अरविंद पांडेय ने स्पष्ट किया कि पर्यटकों की सुरक्षा, स्थानीय जनता की सहूलियत और माननीय उच्च न्यायालय के आदेशों का शत-प्रतिशत पालन कराने के लिए यह सख्त चेकिंग अभियान आगे भी निरंतर जारी रहेगा। परिवहन विभाग ने सभी वाहन स्वामियों को कड़ी चेतावनी दी है कि वे केवल वैध दस्तावेजों के साथ ही सड़कों पर वाहन उतारें; अन्यथा मोटर वाहन अधिनियम (MV Act) के तहत जेल भेजने और वाहन कुर्क करने जैसी सख्त कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।


