ADVERTISEMENTS Ad
खबर शेयर करें -

नियमावली के तहत कुटुंब के अंतर्गत मृत सरकारी सेवक की पत्नी या पति, पुत्र, पुत्री व मृत सरकारी सेवक पर निर्भर अविवाहित भाई, अविवाहित बहन और विधवा माता का प्रावधान था।

हल्द्वानी में करोड़ों की धोखाधड़ी के आरोपी धनंजय पर व्यापारियों ने दर्ज करवाया मुकदमा

उत्तराखंड में अब मृतक आश्रित कोटे से पुत्र वधू को भी नौकरी का हकदार माना जाएगा। मृत सरकारी सेवक के कुटुंब में विधवा पुत्रवधू को भी शामिल किया गया है। इस संबंध में कार्मिक विभाग ने उत्तराखंड (उत्तरप्रदेश सेवाकाल में मृत सरकारी सेवकों के आश्रित की भर्ती नियमावली 1974) संशोधन नियमावली 2023 में संशोधन का शासनादेश जारी कर दिया है।

यह भी पढ़ें -  कैंची धाम में श्रद्धालुओं की संख्या होगी सीमित, अनिवार्य होगा पंजीकरण; सीएम धामी का बड़ा ऐलान

भराड़ीसैंण में प्रदेश मंत्रिमंडल की बैठक में यह निर्णय लिया गया था। नियमावली के तहत कुटुंब के अंतर्गत मृत सरकारी सेवक की पत्नी या पति, पुत्र, पुत्री व मृत सरकारी सेवक पर निर्भर अविवाहित भाई, अविवाहित बहन और विधवा माता का प्रावधान था।

यह भी पढ़ें -  देहरादून में WhatsApp से चल रहा था अवैध शराब सप्लाई नेटवर्क! 25 वर्षीय लॉ स्टूडेंट पर मास्टरमाइंड होने का आरोप

नियमावली में यह भी उल्लेख है कि इन सभी संबंधियों में से कोई व्यक्ति उपलब्ध नहीं है या वह शारीरिक और मानसिक रूप से अनुपयुक्त हो तो ऐसी दशा में कुटुंब शब्द के अंतर्गत उस सरकारी सेवक पर आश्रित पौत्र या अविवाहित पौत्री भी शामिल होगी। अब इनमें विधवा पुत्र वधू को भी शामिल कर लिया गया है।

यह भी पढ़ें -  हल्द्वानी में दूषित पानी से छात्रा की मौत, दो बच्चे पीलिया की चपेट में; दुर्गा कॉलोनी में आक्रोश

संतुलन बिगड़ने पर ऐसे गिरे की पता नही चला गए कहाँ, खोजबीन में जुटी पुलिस

ADVERTISEMENTS Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad