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यूपीसीएल को केंद्रीय व राज्य के पूल से दो करोड़ 80 लाख यूनिट मिली। बाकी करीब एक करोड़ 20 लाख यूनिट बाजार से खरीदनी पड़ी। यूपीसीएल ने बिजली संकट पर काबू पाने के लिए रियल टाइम मार्केट से 69 लाख 60 हजार यूनिट बिजली खरीदी।

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प्रदेश में केंद्र की विशेष राहत पर 300 मेगावाट बिजली मार्च के पहले दिन ग्रिड में नहीं मिल पाई। इस वजह से यूपीसीएल को महीने के पहले दिन काफी संकट से गुजरना पड़ा। आपूर्ति के लिए जहां अतिरिक्त बिजली खरीदनी पड़ी तो वहीं कई जगहों पर कटौती भी करनी पड़ी।

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प्रदेश में बुधवार को बिजली की मांग चार करोड़ चार लाख 80 हजार यूनिट रही। इसके सापेक्ष यूपीसीएल को केंद्रीय व राज्य के पूल से दो करोड़ 80 लाख यूनिट मिली। बाकी करीब एक करोड़ 20 लाख यूनिट बाजार से खरीदनी पड़ी। यूपीसीएल ने बिजली संकट पर काबू पाने के लिए रियल टाइम मार्केट से 69 लाख 60 हजार यूनिट बिजली खरीदी।

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इसके अलावा शॉर्ट टर्म निविदा से यूपीसीएल को 50 लाख यूनिट खरीदी। इस तरह से बिजली आपूर्ति की चुनौती से निपटा गया। बिजली की कमी की वजह से प्रदेशभर में कुछ जगहों पर बुधवार को कटौती भी की गई। खासकर ग्रामीण क्षेत्रों में ज्यादा कटौती हुई। हालांकि यूपीसीएल के एमडी अनिल कुमार का कहना है कि कुछ जगहों पर मामूली कटौती हुई है।

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