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रोशनाबाद जेल से शुक्रवार रात को दो कैदियों के फरार होने की घटना ने जेल प्रशासन और पुलिस में हड़कंप मचा दिया है। जानकारी के अनुसार, फरार कैदियों में पंकज, जो रुड़की का निवासी है और हत्या के मामले में आजीवन कारावास की सजा काट रहा था, और राजकुमार, जो गोंडा, उत्तर प्रदेश का निवासी है और अपहरण के मामले में विचाराधीन कैदी है।

सूत्रों के मुताबिक, जेल में उस समय रामलीला का आयोजन चल रहा था, जिसके साथ ही जेल परिसर में कुछ निर्माण कार्य भी जारी था। इस निर्माण के चलते वहां एक सीढ़ी लगी हुई थी, जिसका फायदा उठाकर दोनों कैदी मौके से फरार हो गए। जब यह घटना हुई, उस समय सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल उठने लगे हैं, खासकर यह देखते हुए कि ऐसी परिस्थितियों में कैदियों का भाग जाना जेल प्रशासन की चूक को दर्शाता है।

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हरिद्वार जेल प्रशासन के मुताबिक, घटना के बाद से ही दोनों कैदियों की तलाश तेज कर दी गई है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि उन्हें फरार कैदियों के बारे में सूचना मिली है और उनकी तलाश में छापेमारी जारी है। इसके साथ ही, पुलिस ने लोगों से अपील की है कि यदि किसी को इन कैदियों के बारे में कोई जानकारी मिले तो तुरंत सूचना दें।

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कैदियों के फरार होने से पहले ही जेल में कुछ सुरक्षा निरीक्षणों की योजना बनाई गई थी, लेकिन इस घटना ने उन सभी योजनाओं पर सवाल खड़ा कर दिया है। विशेषज्ञों का मानना है कि जेलों की सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक मजबूत करने की आवश्यकता है, खासकर तब जब ऐसे संवेदनशील मामलों में कैदियों को उच्च सुरक्षा में रखा जा रहा हो।

Haridwar पुलिस की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार, फरार कैदियों की पहचान कर ली गई है और उनकी तलाश के लिए विशेष टीमें गठित की गई हैं। यह घटना न केवल जेल प्रशासन के लिए बल्कि राज्य की कानून व्यवस्था के लिए भी एक बड़ा सवाल खड़ा करती है।

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जेल प्रशासन से इस मामले में संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन कोई ठोस जवाब नहीं मिल सका। अब देखना यह है कि पुलिस दोनों कैदियों को कितनी जल्दी पकड़ पाती है और इस मामले में जेल प्रशासन द्वारा उठाए गए कदम क्या होंगे।

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