लालकुआं। गोरापड़ाव से हल्दूचौड़ के बीच राष्ट्रीय राजमार्ग-109 पर शनिवार को एक सड़क हादसे में 55 वर्षीय व्यक्ति की मौत हो गई। बेरीपड़ाव स्थित अष्टादश भुजा महालक्ष्मी मंदिर के पास सड़क पार कर रहे किशन चौधरी को लालकुआं से हल्द्वानी की ओर जा रहे एक अज्ञात वाहन ने टक्कर मार दी।
हादसे में किशन चौधरी गंभीर रूप से घायल हो गए। सूचना मिलने पर उन्हें 108 एंबुलेंस सेवा के माध्यम से डॉ. सुशीला तिवारी राजकीय चिकित्सालय, हल्द्वानी ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
बताया गया है कि नेपाल निवासी किशन चौधरी लंबे समय से मोटाहल्दू स्थित विनोद स्टोन क्रेशर में चौकीदार के रूप में कार्यरत थे और अपने बेटे के साथ रहते थे। घटना के बाद परिवार में शोक का माहौल है।
पुलिस ने अज्ञात वाहन की तलाश शुरू कर दी है। हादसे के कारणों और वाहन की पहचान के लिए घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी खंगाली जा रही है।
लगातार हादसों से सड़क सुरक्षा पर सवाल
गोरापड़ाव से हल्दूचौड़ के बीच एनएच-109 पर लगातार सड़क दुर्घटनाओं को लेकर स्थानीय लोगों में चिंता बनी हुई है। क्षेत्रवासियों का कहना है कि हादसों के बाद पुलिस और प्रशासन की ओर से कार्रवाई तो होती है, लेकिन दुर्घटना संभावित स्थानों पर स्थायी सुरक्षा उपायों की जरूरत महसूस की जा रही है।
स्थानीय लोगों की मांग है कि इस मार्ग पर दुर्घटना संभावित स्थानों का तकनीकी और वैज्ञानिक सर्वे कराया जाए। साथ ही जरूरत के अनुसार स्ट्रीट लाइट, सुरक्षित पैदल क्रॉसिंग, संकेतक, स्पीड कंट्रोल और अन्य सड़क सुरक्षा उपायों पर भी ध्यान दिया जाए।
जनप्रतिनिधियों से भी सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की मांग
लगातार हो रही दुर्घटनाओं के बीच स्थानीय लोग क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों से भी सड़क सुरक्षा के मुद्दे को संबंधित विभागों के सामने प्रभावी ढंग से उठाने की मांग कर रहे हैं। क्षेत्र में 2027 के विधानसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक गतिविधियां भी तेज हैं, ऐसे में सड़क सुरक्षा का मुद्दा स्थानीय स्तर पर चर्चा में है।
हालांकि, हादसों के लिए किसी जनप्रतिनिधि या राजनीतिक दल को सीधे तौर पर जिम्मेदार ठहराने का कोई आधार सामने नहीं आया है। सड़क की सुरक्षा व्यवस्था में सुधार के लिए पुलिस, प्रशासन, राष्ट्रीय राजमार्ग से जुड़े विभागों और स्थानीय जनप्रतिनिधियों के समन्वय की आवश्यकता बताई जा रही है।
किशन चौधरी की मौत ने एक बार फिर एनएच-109 पर सड़क सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी है। अब देखना होगा कि इस मार्ग पर दुर्घटनाओं को रोकने के लिए प्रशासन और संबंधित विभाग आगे क्या ठोस कदम उठाते हैं।


