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फ्लैट के अंदर का मंजर देख कर वहां मौजूद तमाम लोगों के कदम ठिठक गए. पूरे फ्लैट में जगह-जगह खून के छींटे थे और फ्लैट के एक बाथरूम में रूपल की लाश पड़ी थी. रूपल का गला कटा हुआ था. और फर्श पर ढेर सारा खून बिखरा हुआ था.

23 साली की वो कमसिन लड़की कामयाबी के आसमान में उड़ान भरना चाहती थी. वो बादलों में उड़ना चाहती थी. वो एयरहोस्टेस बनने का ख्वाब देखती थी. जो अब पूरा हो चुका था. वो मुंबई में एक एयरलाइन के साथ ट्रेनी एयरहोस्टेस के तौर पर काम करने लगी थी. सब कुछ ठीक चल रहा था. लेकिन रविवार को अचानक उसने फोन उठाना बंद कर दिया. ना वो घरवालों को फोन कर रही थी, ना उनके फोन कॉल्स रिसीव कर रही थी. इसके बाद घरवालों ने मुंबई में रहने वाले एक परिचित से मदद मांगी और उसके बाद जो खुलासा हुआ, उसने पूरे परिवार के होश उड़ा दिए.

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अंदर से बंद था फ्लैट का दरवाजा

मुंबई के अंधेरी ईस्ट का मरोल इलाका. एनजी को-ऑपरेटिव हाउसिंग सोसायटी के फ्लैट्स में आम दिनों की तरह सब नॉर्मल था. लेकिन रविवार 4 अगस्त की रात दस बजते-बजते उस सोसायटी में हड़कंप मच चुका था. एक फ्लैट का दरवाजा अंदर से बंद था और कई बार डोर बेल बजाने पर भी अंदर से कोई आवाज नहीं आ रही थी. ऊपर से इस फ्लैट में जो लड़की रहती थी, उसका फोन भी लगातार अन आनसर्ड आ रहा था. यानी वो फोन नहीं उठा रही थी.

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वारदात के वक्त फ्लैट में अकेली थी रूपल

वो फ्लैट छत्तीसगढ़ की रहनेवाली 23 साल की एक लड़की रूपल ओगरे ने किराए पर ले रखा था, जो एक ट्रेनी एयरहोस्टेस थी. वो फ्लैट में अपनी कजिन के साथ रहती थी. लेकिन इत्तेफाक से उसकी कजिन उस वक्त अपने होम स्टेट यानी छत्तीसगढ़ गई हुई थी और रूपल फ्लैट में अकेली थी. ऐसे में उसके फोन नहीं उठाने पर घरवालों का परेशान होना लाजिमी था.

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रूपल के फ्लैट पर बहन ने भेजा था दोस्त

घरवालों के उसे कई बार कॉल करने के बावजूद जब उसने कोई रिस्पांस नहीं दिया, तो उसकी कजिन ऐश्वर्या ने मुंबई में ही रहनेवाले अपने एक दोस्त को एनजी को-ऑपरेटिव हाउसिंग सोसायटी में जा कर रूपल के बारे में पता करने को कहा. रूपल के फ्लैट पर पहुंचे लड़के को रात करीब दस बजे भी जब अंदर से कोई रिस्पांस नहीं मिला, तो उसने एक की-मेकर यानी चाबी बनानेवाली की मदद ली और डुप्लीकेट चाबी की मदद से उसके फ्लैट का दरवाजा खोल दिया.

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