ADVERTISEMENTS Ad
खबर शेयर करें -

देवलचौड़ निवासी उमेश सिंह नगरकोटी, जो मूलरूप से बागेश्वर के कांडा क्षेत्र के रहने वाले थे, का अचानक निधन हो गया। उमेश अपनी पत्नी गीता देवी, मां और बच्चों के साथ हल्द्वानी में रहते थे। उनकी तैनाती कुमाऊं रेजीमेंट के तहत सिक्किम के सिलीगुड़ी में थी।

छुट्टी के बाद घर लौटने की कहानी

उमेश के भाई कुंदन सिंह नगरकोटी ने बताया कि उमेश 15 दिन की छुट्टी के बाद 6 अक्टूबर को ड्यूटी पर लौटने के लिए घर से निकले थे, लेकिन वो अपनी यूनिट नहीं पहुंचे। उनका 6 से 19 अक्टूबर के बीच whereabouts रहस्य बना हुआ है, जो उनके परिवार के लिए चिंता का विषय है।

यह भी पढ़ें -  पिथौरागढ़ में गुलदार का आतंक: आंगन में खेल रहे 10 वर्षीय बच्चे को उठा ले गया, झाड़ियों में मिला शव

अचानक घर लौटने पर हुई तबीयत खराब

19 अक्टूबर को दोपहर करीब दो बजे उमेश बिना किसी पहचान पत्र या अन्य सामान के घर लौट आए। घर पहुंचते ही उनकी तबीयत बिगड़ गई, और उन्हें तत्काल अस्पताल ले जाया गया। डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया, जिससे परिवार में शोक की लहर दौड़ गई।

यह भी पढ़ें -  चंपावत में पहली बार हुई धामी कैबिनेट की बैठक, बनबसा में कई अहम प्रस्तावों पर मंथन

मौत के कारण की जांच

परिजनों के पास इस बात का कोई स्पष्ट जवाब नहीं था कि उमेश 6 से 19 अक्टूबर के बीच कहां थे। मेडिकल चौकी प्रभारी प्रवीण तेवतिया ने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही मौत का असली कारण पता चल सकेगा। पुलिस इस मामले की जांच कर रही है, ताकि घटना के पीछे की सच्चाई का पता लगाया जा सके।

यह भी पढ़ें -  🚗🏔️ तीन दिन की छुट्टी में पहाड़ों पर सैलानियों का सैलाब, हिमाचल से उत्तराखंड तक महाजाम; कैंचीधाम में 35 हजार श्रद्धालु

परिवार की स्थिति

उमेश के अचानक निधन से उनके परिवार में गहरा सदमा है। पत्नी गीता देवी और बच्चे अब इस कठिन समय में उनके बिना जीवन जीने की कोशिश कर रहे हैं। परिवार के सदस्य और समुदाय के लोग उनके निधन पर शोक व्यक्त कर रहे हैं।

ADVERTISEMENTS Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad