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अतिक्रमण हटाने के खिलाफ व्यापारियों ने आज फिर धरना प्रदर्शन किया. इसी बीच उनको समर्थन देने के लिए कांग्रेस विधायक सुमित हृदयेश मौजूद रहे और उन्होंने सरकार पर तानाशाही रवैया अपनाने का आरोप लगाया है.

अतिक्रमण हटाने के खिलाफ व्यापारियों का विरोध प्रदर्शन जारी है. इसी क्रम में आज महिला बेस अस्पताल के बाहर व्यापारियों ने कुछ देर अपनी दुकान बंद रखकर विरोध प्रदर्शन किया. साथ ही सरकार पर व्यापारियों का उत्पीड़न करने का आरोप लगाया और अपना विरोध कांग्रेस विधायक सुमित हृदयेश के समक्ष भी जाहिर किया. बता दें कि अतिक्रमण हटाने को लेकर प्रशासन ने 65 व्यापारियों को नोटिस जारी किए हैं.

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व्यापार मंडल के अध्यक्ष योगेश शर्मा ने कहा कि राज्य की भाजपा सरकार जिस तरह से व्यापारियों पर अत्याचार कर रही है, उसको बिल्कुल बर्दाश्त नहीं किया जाएगा, क्योंकि व्यापारियों की रोजी-रोटी छीनी जा रही है. उन्होंने कहा कि व्यापारियों के परिवारों को बच्चों की फीस और रहने की चिंता सता रही है.

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कांग्रेस की महिला उपाध्यक्ष पुष्पा नेगी ने मौजूदा सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि सरकार रोजी-रोटी नहीं दे सकती, तो उसे रोजी रोटी छीनने का अधिकार नहीं है. उन्होंने कहा कि कांग्रेस कार्यकर्ता इन व्यापारियों के साथ हमेशा खड़े हैं और हमेशा साथ देंगे.

विधायक सुमित हृदयेश ने कहा कि हाईकोर्ट के मामले पर टिप्पणी करना उचित नहीं है, लेकिन व्यापारियों को जो प्रशासन ने नोटिस दिए हैं, वह गलत है, क्योंकि अधिकतर दुकानें नगर निगम की हैं या फिर फ्री होल्ड हैं. जिससे इसको अतिक्रमण कैसे कहा जा सकता है. उन्होंने कहा कि किसी को वैकल्पिक स्थान न देते हुए आप किसी को कैसे उजाड़ सकते हैं.

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कांग्रेस विधायक ने कहा कि सरकार तानाशाही रवैया अपनाकर व्यापारियों को हटाना चाहती है. वहीं, अगर सरकार को व्यापारियों की इतनी चिंता है, तो व्यापारियों को उजाड़ने से पहले कहीं और क्यों नहीं बसाया गया.

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