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बिंदुखत्ता को राजस्व गांव बनाने की कवायद तेज, विधायक डॉ. मोहन बिष्ट ने मुख्य सचिव से की मुलाकात

लालकुआं। बिंदुखत्ता को राजस्व गांव का दर्जा दिलाने की कवायद अब तेज हो गई है। क्षेत्रीय विधायक डॉ. मोहन बिष्ट ने गुरुवार को राज्य के मुख्य सचिव आनंद वर्धन से भेंट कर शासनादेश अभिलंब जारी करने की मांग रखी। इस दौरान मुख्य सचिव ने आश्वासन दिया कि वनाधिकार अधिनियम (FRA) के तहत बिंदुखत्ता को राजस्व गांव घोषित करने की दिशा में ठोस और कानूनी कदम उठाए जाएंगे।

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मुख्य सचिव आनंद वर्धन ने विधायक से बातचीत के दौरान स्पष्ट किया कि इस प्रक्रिया में कुछ तकनीकी विलंब हो रहा है। उन्होंने कहा कि FRA के तहत पहले भी उत्तराखंड के कई गांवों को राजस्व गांव का दर्जा दिलाने में जिन वरिष्ठ अधिकारियों की भूमिका रही है, उन्हें बुलाकर संबंधित विभागों और अधिकारियों को विधिक रूप से समझाया जाएगा और संतुष्ट किया जाएगा। इसी कड़ी में उन्होंने पूर्व हरिद्वार जिलाधिकारी धीराज गर्ब्याल समेत चार अधिकारियों को चर्चा हेतु बुलाने के निर्देश दिए।

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गौरतलब है कि जुलाई माह में भी विधायक डॉ. बिष्ट की मुख्य सचिव से बैठक हुई थी, जिसमें समाज कल्याण विभाग, वन विभाग, नैनीताल जिलाधिकारी और तराई पूर्वी के प्रभागीय वनाधिकारी को शामिल कर डाटा संग्रह और रिपोर्ट तैयार करने के निर्देश दिए गए थे। लेकिन संबंधित विभागों से रिपोर्ट समय पर उपलब्ध नहीं हो पाई। मुख्य सचिव ने इस पर कड़ा रुख अपनाते हुए वन सचिव को एक सप्ताह के भीतर रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए।

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विधायक डॉ. मोहन बिष्ट ने कहा कि वे बिंदुखत्ता को राजस्व गांव का दर्जा दिलाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध हैं और अपने कार्यकाल में इसे राजस्व गांव घोषित कराकर ही दम लेंगे।

📸 फोटो परिचय – मुख्य सचिव आनंद वर्धन को ज्ञापन सौंपते विधायक डॉ. मोहन बिष्ट

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