लालकुआं (अग्रसर भारत): विकासखंड हल्द्वानी के अंतर्गत ग्राम सभा पदमपुर देवलिया के ग्राम प्रधान रमेश जोशी और उनके परिवार के साथ हुई कथित मारपीट और अभद्रता का मामला अब तूल पकड़ता जा रहा है। एक तरफ जहां पुलिस ने दूसरे पक्ष की तहरीर पर प्रधान के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है, वहीं अब प्रधान संगठन ने इसे ‘एकतरफा कार्रवाई’ बताते हुए मोर्चा खोल दिया है।
क्या है पूरा मामला?
पदमपुर देवलिया निवासी ग्राम प्रधान रमेश जोशी (49 वर्ष) ने कोतवाली में दी तहरीर में बताया कि 28 अप्रैल की रात करीब 8:52 बजे जब वे अपनी पत्नी के साथ एक विवाह समारोह में जाने के लिए घर से निकल रहे थे, तब उनके गैराज के पास ठाकुर सिंह मेहता की गाड़ी खड़ी थी। आरोप है कि जब उनकी पत्नी ने गाड़ी हटाने का अनुरोध किया, तो ठाकुर सिंह मेहता और उनके परिवार ने अभद्रता व मारपीट शुरू कर दी। बीच-बचाव करने पर प्रधान के साथ भी हाथापाई की गई।
‘उकसावे और उत्पीड़न’ का आरोप
प्रधान रमेश जोशी का कहना है कि विपक्षी परिवार पिछले डेढ़ साल से उनका मानसिक उत्पीड़न कर रहा है और सोशल मीडिया पर अमर्यादित टिप्पणियां की जा रही हैं। उन्होंने जान से मारने की धमकी मिलने की बात भी कही है। यहाँ गौर करने वाली बात यह है कि लोकतांत्रिक प्रक्रिया से चुने गए एक जन-प्रतिनिधि (प्रधान) पर अगर इस तरह के हमले होते हैं, तो यह सीधे तौर पर जनता के विश्वास पर चोट है। प्रधान समर्थकों का तर्क है कि घटना के पीछे गहरा उकसावा हो सकता है और मामले की तह तक जाना बेहद जरूरी है।
प्रधान संगठन ने घेरी कोतवाली, निष्पक्षता की मांग
मंगलवार को प्रधान संगठन के जिला अध्यक्ष गोपाल सिंह अधिकारी के नेतृत्व में दर्जनों प्रधानों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने लालकुआं कोतवाली पहुंचकर पुलिस को तहरीर सौंपी। संगठन का स्पष्ट कहना है कि:
- मामले में पुलिस ने जल्दबाजी में एकतरफा मुकदमा दर्ज किया है।
- सिर्फ मारपीट देखना पर्याप्त नहीं, यह देखना भी जरूरी है कि प्रधान को इस स्थिति तक ‘उकसाया’ किसने?
- आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी की जाए।
समर्थन में आए कई संगठन
कोतवाली पहुंचने वालों में रुक्मणी नेगी, पूजा बिष्ट, दिनेश आर्य, विपिन जोशी, कैलाश भट्ट, कीर्ति पाठक और गोला खनन मजदूर समिति के पदाधिकारी जीवन चंद्र कवड़वाल मुख्य रूप से शामिल रहे। वहीं, देवभूमि उद्योग व्यापार मंडल के प्रदेश अध्यक्ष हुकम सिंह कुंवर ने भी इस मामले में निष्पक्ष जांच की अपील की है ताकि “दूध का दूध और पानी का पानी” हो सके।
पुलिस का आश्वासन
प्रभारी निरीक्षक ब्रजमोहन सिंह राणा ने प्रतिनिधिमंडल को आश्वस्त किया है कि पुलिस मामले की गहनता से जांच कर रही है और साक्ष्यों के आधार पर उचित कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
अग्रसर भारत की राय: न्याय का सिद्धांत कहता है कि हर सिक्के के दो पहलू होते हैं। अगर हजारों लोगों ने रमेश जोशी को अपना प्रधान चुना है, तो उनके विरुद्ध की गई इस कार्रवाई और घटना के पीछे के ‘ट्रिगर’ की जांच होनी अनिवार्य है। क्या यह महज एक विवाद है या किसी सोची-समझी साजिश का हिस्सा?
रिपोर्ट: ब्यूरो, अग्रसर भारत न्यूज़


