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देहरादून। एशिया की सबसे लंबी धार्मिक यात्राओं में शामिल श्रीनंदादेवी राजजात के सुरक्षित और सुव्यवस्थित आयोजन के लिए सरकार ने कमर कस ली है। इसी क्रम में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शुक्रवार को सचिवालय में उच्चाधिकारियों के साथ हुई बैठक में अगले वर्ष होने वाली श्रीनंदादेवी राजजात की तैयारियों की समीक्षा की।

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साथ ही निर्देश दिए कि सभी विभाग आपसी समन्वय से यात्रा के लिए व्यापक कार्ययोजना तैयार कर इसे धरातल पर उतारें। उन्होंने स्थानीय लोक कलाकारों, ग्राम पंचायतों और स्वयंसेवी संस्थाओं को भी यात्रा से जोड़ने पर विशेष बल दिया।

मुख्यमंत्री धामी ने समीक्षा बैठक के दौरान अधिकारियों को श्रीनंदादेवी राजजात के मार्गों की समय से मरम्मत करने के साथ ही सुरक्षा रेलिंग लगाने के निर्देश दिए।

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उन्होंने कहा कि यात्रा के सभी प्रमुख पड़ावों पर प्राथमिक चिकित्सा केंद्र, एंबुलेंस और टेलीमेडिसिन सेवाओं की व्यवस्था सुनिश्चित की जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि यात्रा के दौरान स्थानीय लोक कलाकारों, ग्राम पंचायतों और स्वयंसेवी संस्थाओं को यात्रा से जोड़ने के साथ ही पारंपरिक सांस्कृतिक प्रस्तुतियों को प्रोत्साहन दिया जाएगा।

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मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि श्रीनंदादेवी राजजात से जुड़े सभी विभाग यात्रा के दृष्टिगत आपसी समन्वय के साथ व्यापक कार्ययोजना तैयार कर इस वर्ष के अंत तक जमीनी स्तर पर सभी तैयारियां पूरी कर लें। ताकि, अगले वर्ष होने वाली यह दिव्य यात्रा श्रद्धालुओं के लिए सुरक्षित, सुव्यवस्थित और अविस्मरणीय अनुभव बन सके।

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