
देहरादून:
पैक्स सचिव कर्मचारी संयुक्त संगठन, उत्तराखंड के आह्वान पर प्रदेशभर के पैक्स कैडर सचिव एवं सहकारी समिति कर्मचारी अपनी छह सूत्रीय न्यायसंगत मांगों को लेकर अवकाश के दिन शनिवार को भी पूरी मजबूती के साथ हड़ताल पर डटे रहे. प्रदेश के सभी जनपदों से आए सैकड़ों सचिव एवं कर्मचारी सहकारिता रजिस्ट्रार कार्यालय, मियाँवाला में डटे रहे और जोरदार प्रदर्शन कर सभा की.
क्रमिक आंदोलन के चरण:
संगठन के पदाधिकारियों ने बताया कि उनके द्वारा सरकार और प्रशासन के खिलाफ चरणबद्ध आंदोलन चलाया जा रहा है:
- पहला चरण: 18 सितंबर 2026 को सांकेतिक बहिष्कार किया गया था, लेकिन विभाग का रवैया कर्मचारियों के प्रति पूरी तरह उदासीन बना रहा.
- दूसरा चरण: 1 अक्टूबर से 4 अक्टूबर 2026 तक प्रदेशव्यापी कलम बंद हड़ताल की गई.
- तीसरा चरण: कोई सुध न लिए जाने पर 5 अक्टूबर 2026 से सहकारिता रजिस्ट्रार कार्यालय, मियाँवाला में अनिश्चितकालीन पूर्ण हड़ताल शुरू कर दी गई है, जिसके चलते प्रदेश की सभी पैक्स एवं सहकारी समितियां पूर्णतः बंद हैं.
कर्मचारियों में भारी आक्रोश:
धरना स्थल पर पहुंचे कर्मचारियों ने कहा कि लंबे समय से शासन एवं विभाग के समक्ष अपनी समस्याओं को रखा जा चुका है और कई दौर की वार्ता भी हो चुकी है, बावजूद इसके उनकी मांगों पर कोई अपेक्षित कार्रवाई नहीं की गई है.
वक्ताओं ने कहा कि पैक्स सचिव एवं कर्मचारी प्रदेश की सहकारिता व्यवस्था की महत्वपूर्ण और जमीनी कड़ी हैं. पैक्स के माध्यम से ही ग्रामीण क्षेत्रों में किसानों एवं आम जनता को ऋण, खाद-बीज और निक्षेप सहित अनेक महत्वपूर्ण सेवाएं उपलब्ध कराई जाती हैं. इसके बावजूद पैक्स कर्मचारियों की सेवा संबंधी समस्याओं एवं लंबित मांगों का समाधान नहीं किया गया है, जिससे कर्मचारियों में भारी रोष व्याप्त है.
उग्र आंदोलन की चेतावनी:
सभा में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि यदि शासन-प्रशासन अब भी नहीं चेता तो चौथे चरण की रणनीति के तहत आंदोलन को और अधिक उग्र किया जाएगा. चौथे चरण में सभी जिला सहकारी बैंकों एवं साधन सहकारी समितियों के संचालक मंडलों को भी आंदोलन में आमंत्रित किया जाएगा, जिसकी समस्त जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी.
संगठन ने मुख्यमंत्री एवं सहकारिता मंत्री से तत्काल हस्तक्षेप कर पैक्स सचिवों एवं कर्मचारियों की लंबित छह सूत्रीय मांगों का शीघ्र समाधान कराने की पुरजोर अपील की है.




