देहरादून | अग्रसर भारत डेस्क 📍
उत्तराखंड की राजधानी देहरादून स्थित शिक्षा निदेशालय आज एक अखाड़े में तब्दील हो गया। प्रारंभिक शिक्षा निदेशक अजय नौडियाल के साथ उनके कार्यालय में कथित तौर पर मारपीट और अभद्रता की घटना सामने आई है। इस पूरे मामले में सत्तारूढ़ भाजपा विधायक उमेश शर्मा काऊ की मौजूदगी ने विवाद को और अधिक गरमा दिया है, जिससे अब यह मामला प्रशासनिक गलियारों से निकलकर राजनीतिक रूप ले चुका है। 🏛️⚠️
🤜 हाथापाई और अस्पताल का मंजर
मिली जानकारी के अनुसार, निदेशालय परिसर में किसी प्रशासनिक मुद्दे को लेकर चर्चा चल रही थी, जो अचानक तीखी बहस में बदल गई। आरोप है कि विधायक के साथ आए समर्थकों ने आपा खो दिया और निदेशक अजय नौडियाल के साथ हाथापाई कर दी। 📉
- हालत: घटना के बाद घायल निदेशक को तत्काल कोरोनेशन अस्पताल ले जाया गया। डॉक्टरों ने उनकी हालत स्थिर बताई है, लेकिन उन्हें चिकित्सकीय निगरानी में रखा गया है। 🩺
⚖️ निदेशक के गंभीर आरोप और कर्मचारियों का आक्रोश
निदेशक अजय नौडियाल ने सीधे तौर पर विधायक और उनके समर्थकों पर दुर्व्यवहार के आरोप लगाए हैं। वहीं, इस घटना की खबर मिलते ही शिक्षा विभाग के कर्मचारियों में उबाल आ गया है। 😤
- चेतावनी: कर्मचारियों ने स्पष्ट कहा है कि यदि आरोपियों के खिलाफ FIR दर्ज कर कड़ी कार्रवाई नहीं की गई, तो वे पूरे प्रदेश में कामकाज ठप कर आंदोलन शुरू कर देंगे। 🚩📢
🔍 क्या है विधायक का पक्ष?
अभी तक इस मामले में विधायक उमेश शर्मा काऊ की ओर से कोई आधिकारिक सफाई सामने नहीं आई है, लेकिन सूत्रों का कहना है कि वे किसी जनहित के मुद्दे को लेकर निदेशालय पहुँचे थे। पुलिस फिलहाल सीसीटीवी (CCTV) फुटेज और मौके पर मौजूद गवाहों के आधार पर जांच को आगे बढ़ा रही है। 👮♂️📸
🛡️ प्रशासनिक हलचल तेज
घटना के बाद से ही शासन और विभाग में हलचल तेज है। शिक्षा मंत्री और उच्चाधिकारियों ने मामले की रिपोर्ट तलब की है। सवाल यह उठ रहा है कि क्या एक उच्चाधिकारी अपने ही कार्यालय में सुरक्षित नहीं है? 🧐
संपादकीय टिप्पणी: लोकतंत्र में संवाद की जगह है, हिंसा की नहीं। यदि किसी विधायक की उपस्थिति में एक निदेशक स्तर के अधिकारी के साथ मारपीट होती है, तो यह ‘सिस्टम’ की कार्यप्रणाली पर गंभीर प्रश्नचिह्न लगाता है। 🚩✨


