नई दिल्ली / विशेष रिपोर्ट
NEET परीक्षा में हुई धांधली की निष्पक्ष जांच और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की एकसूत्री मांग को लेकर आंदोलन कर रही ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ (CJP) ने बड़ा कदम उठाया है। केंद्र की मोदी सरकार द्वारा भेजे गए बातचीत के औपचारिक प्रस्तावों को सिरे से खारिज करते हुए CJP ने 24 जुलाई को पूरे देश में शांतिपूर्वक हड़ताल और उग्र राष्ट्रव्यापी प्रदर्शन का ऐलान कर दिया है।
चार बार भेजा बातचीत का न्योता, फिर भी नहीं बनी बात
सूत्रों के अनुसार, केंद्र सरकार ने गतिरोध समाप्त करने के लिए CJP के प्रतिनिधिमंडल को बातचीत का न्योता भेजा था। बुधवार से गुरुवार के बीच सरकार की ओर से कम से कम चार बार औपचारिक वार्ता के प्रस्ताव भेजे गए। हालांकि, CJP कार्यकर्ताओं और छात्र नेताओं का स्पष्ट कहना है कि जब तक शिक्षा मंत्री इस्तीफा नहीं देते और NEET मामले में निष्पक्ष जांच सुनिश्चित नहीं होती, तब तक सरकार से बातचीत का कोई औचित्य नहीं है।
‘हर शहर, हर गांव तक पहुंचेगी आंदोलन की गूंज’
सरकार के रुख को नाकाफी बताते हुए सीजेपी के राष्ट्रीय प्रवक्ता आशुतोष रांका ने कार्यकर्ताओं और समर्थकों से इस आंदोलन को दिल्ली की सीमाओं से निकालकर देश के कोने-कोने तक ले जाने का आह्वान किया है।
आशुतोष रांका ने कहा:
“आइए, इस आंदोलन को राष्ट्रीय स्तर का बनाएं। 24 जुलाई को कृपया पूरे देश में, हर शहर और हर गांव में शांतिपूर्ण प्रदर्शन आयोजित करें, ताकि शिक्षा मंत्री के इस्तीफे और छात्रों के न्याय की मांग को मजबूती मिल सके।”
24 जुलाई को देशव्यापी प्रभाव की संभावना
CJP के इस फैसले के बाद 24 जुलाई को पूरे देश में शांतिपूर्ण हड़ताल और प्रदर्शन देखने को मिल सकते हैं। पार्टी ने साफ किया है कि उनका प्रदर्शन पूरी तरह से अनुशासित और शांतिपूर्ण रहेगा, लेकिन मांगें पूरी होने तक यह राष्ट्रव्यापी आंदोलन जारी रहेगा।
छात्रों और युवाओं के इस बढ़ते आक्रोश के बीच अब देखने वाली बात यह होगी कि 24 जुलाई के प्रदर्शन के बाद केंद्र सरकार क्या रुख अपनाती है।


