लालकुआं (नैनीताल) | अग्रसर भारत न्यूज़ डेस्क
राष्ट्रीय राजमार्ग 109 (हल्द्वानी-लालकुआं मार्ग) पर सफर करना अब खतरे से खाली नहीं रह गया है। बेखौफ बदमाशों ने शनिवार शाम दो अलग-अलग घटनाओं में बाइक सवार परिवारों को निशाना बनाकर सनसनी फैला दी। झपटमारों ने न केवल हजारों की नकदी और मोबाइल लूटे, बल्कि झपट्टा मारकर महिलाओं और बच्चों की जान भी जोखिम में डाल दी।
पहली घटना: मासूम बच्ची और महिला बाल-बाल बचे
लालकुआं के स्थानीय मोबाइल शॉप स्वामी सलीम खान अपनी पत्नी और चार वर्षीय मासूम बच्ची के साथ खरीदारी के लिए हल्द्वानी जा रहे थे। जैसे ही उनकी बाइक आईओसी (IOC) डिपो से आगे बबूर गुम्टी के समीप पहुंची, पीछे से आए शातिर बाइक सवारों ने झपट्टा मारकर उनकी पत्नी के कंधे से पर्स छीन लिया। झटका इतना तेज था कि सलीम की पत्नी और बच्ची चलती बाइक से गिरते-गिरते बचे। लुटेरे पलक झपकते ही आंखों से ओझल हो गए।
दूसरी वारदात: मंदिर के सामने दुस्साहस
लूट की दूसरी वारदात अष्टादश भुजा महालक्ष्मी मंदिर के ठीक सामने घटित हुई। बेरीपड़ाव निवासी एक युवक अपनी माता के साथ बाइक से घर लौट रहा था, तभी घात लगाकर आए बाइक सवार दो बदमाशों ने महिला के हाथ से पर्स छीन लिया और रफूचक्कर हो गए। पीड़ित ने तत्काल हल्दूचौड़ चौकी पहुंचकर पुलिस को आपबीती सुनाई।
पुलिस की कार्यप्रणाली पर उठते सवाल: घटना के घंटों बाद भी FIR नहीं
हैरानी की बात यह है कि दोनों ही मामलों में पीड़ितों ने तत्काल पुलिस को सूचना दी, लेकिन समाचार लिखे जाने तक लालकुआं कोतवाली पुलिस ने मुकदमा दर्ज नहीं किया है। पीड़ित परिवार कल शाम से आज दोपहर तक कोतवाली के चक्कर काट रहे हैं, जिससे पुलिस की कार्यशैली और सुरक्षा दावों पर गंभीर सवालिया निशान लग रहे हैं।
प्रशासनिक पक्ष
कोतवाली के वरिष्ठ उप-निरीक्षक दीपक बिष्ट ने बताया कि उन्हें दो स्थानों पर झपटमारी की सूचना मिली है। उन्होंने कहा, “पुलिस सीसीटीवी कैमरों के माध्यम से घटना की सत्यता की जांच कर रही है। साक्ष्यों के आधार पर ही अग्रिम विधिक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।”


