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पिछले दिनों उत्तराखंड विद्युत नियामक आयोग ने एक आदेश जारी किया था, जिसके तहत फ्यूल एंड पॉवर परचेज कॉस्ट एडजस्टमेंट (एफपीपीसीए) की व्यवस्था की गई थी।

उत्तराखंड के 24 लाख बिजली उपभोक्ताओं को यूपीसीएल 26 करोड़ रुपये लौटाएगा। यह रकम अगस्त में निर्धारित से सस्ती दरों पर बिजली खरीद की एवज में अक्तूबर में आने वाले बिजली खर्च पर लौटाई जाएगी। यूपीसीएल प्रबंधन ने इसका आदेश जारी कर दिया है

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पिछले दिनों उत्तराखंड विद्युत नियामक आयोग ने एक आदेश जारी किया था, जिसके तहत फ्यूल एंड पॉवर परचेज कॉस्ट एडजस्टमेंट (एफपीपीसीए) की व्यवस्था की गई थी। इसमें ये प्रावधान किया गया था कि अगर यूपीसीएल नियामक आयोग की ओर से तय दरों से अधिक पर बाजार से बिजली खरीदेगा तो अतिरिक्त रकम की वसूली उपभोक्ताओं से की जाएगी।

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अगर यूपीसीएल निर्धारित से कम दरों पर खरीदेगा तो उसी हिसाब से पैसा उपभोक्ताओं को लौटाएगा। यूपीसीएल के एमडी अनिल कुमार ने बताया कि अगस्त माह में उन्होंने निर्धारित से कम दरों पर बाजार से बिजली खरीदी थी, जिसके एवज में 26 करोड़ की राशि 24 लाख बिजली उपभोक्ताओं को लौटाई जाएगी।

इसमें हिमाच्छादित क्षेत्रों में सात पैसे प्रति यूनिट, आम उपभोक्ताओं को 17 पैसे प्रति यूनिट, अघरेलू उपभोक्ताओं को 25 पैसे प्रति यूनिट, सरकारी सार्वजनिक उपक्रमों को 24 पैसे प्रति यूनिट, प्राइवेट ट्यूबवेल को आठ पैसे, कृषि संबंधी गतिविधियों में 11 पैसे, एलटी-एचटी इंडस्ट्री को 24 पैसे, मिक्स लोड उपभोक्ताओं, रेलवे ट्रैक्शन को 22 पैसे और इलेक्ट्रिक व्हीकल चार्जिंग स्टेशन को 20 पैसे प्रति यूनिट की दर से रकम लौटाई जाएगी।