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उत्तराखंड सरकार 12 फरवरी को होने वाली कैबिनेट बैठक में कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर फैसला लेने जा रही है. यह बैठक मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में सचिवालय में सुबह 11:00 बजे से होगी.

यह बैठक इसलिए भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है क्योंकि 18 फरवरी से शुरू होने वाले विधानसभा बजट सत्र से पहले इसमें कई बड़े फैसले लिए जा सकते हैं. खासतौर पर संशोधित भू-कानून, आगामी वित्तीय वर्ष 2025-26 का बजट, नौकरियों से जुड़े प्रस्ताव और टैक्स प्रणाली में बदलाव पर चर्चा होगी.

उत्तराखंड में सख्त भू-कानून लागू करने की मांग लंबे समय से की जा रही थी. मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इस मुद्दे पर पहले ही कदम उठाते हुए एक समिति का गठन किया था, जिसने अपनी रिपोर्ट सरकार को सौंप दी है. अब संभावना जताई जा रही है कि 12 फरवरी की कैबिनेट बैठक में इस संशोधित भू-कानून पर अंतिम मुहर लग सकती है. यह कानून राज्य में भूमि खरीद-बिक्री को लेकर नए प्रावधानों को शामिल करेगा, जिससे बाहरी लोगों द्वारा अंधाधुंध भूमि खरीद पर नियंत्रण लगाया जा सकेगा.

बजट पर भी चर्चा
कैबिनेट बैठक में वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए उत्तराखंड सरकार के बजट पर भी चर्चा होगी. आगामी विधानसभा सत्र में पेश किए जाने वाले बजट का आकार और उसमें शामिल किए जाने वाले प्रमुख प्रावधानों को बैठक के दौरान अंतिम रूप दिया जाएगा. इस बार सरकार का फोकस बुनियादी ढांचे के विकास, स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने और डिजिटल गवर्नेंस को बढ़ावा देने पर रहने की संभावना है.

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बैठक में चीनी मिलों के 123 सीजनल मृतक कर्मचारियों के आश्रितों को नौकरी देने का रास्ता भी साफ हो सकता है. यह प्रस्ताव पिछले साल अगस्त में कैबिनेट बैठक में रखा गया था, लेकिन कुछ तकनीकी खामियों के चलते इसे वापस भेज दिया गया था. अब उम्मीद है कि 12 फरवरी की बैठक में इसे मंजूरी मिल सकती है, जिससे मृतक कर्मचारियों के परिवारों को राहत मिलेगी.

पूरी तरह डिजिटल करने पर जोर
सरकार प्रदेश में सरकारी कामकाज को पूरी तरह डिजिटल करने पर जोर दे रही है. इसी क्रम में “उत्तराखंड ऑनलाइन दस्तावेज रजिस्ट्रीकरण नियमावली 2025” को तैयार किया गया है, जिस पर इस बैठक में मुहर लग सकती है. इस नियमावली के तहत पेपरलेस रजिस्ट्रेशन, आधार प्रमाणीकरण और वर्चुअल रजिस्ट्रेशन की सुविधा दी जाएगी. इससे दस्तावेजों के रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया आसान और पारदर्शी होगी.

उत्तराखंड में बढ़ती सड़क दुर्घटनाओं को देखते हुए परिवहन विभाग ने नई रोड सेफ्टी पॉलिसी तैयार की है. इस पॉलिसी में सड़क सुरक्षा को मजबूत करने के लिए कई नए प्रावधान जोड़े गए हैं. कैबिनेट बैठक में इस प्रस्ताव को भी मंजूरी मिल सकती है, जिससे सड़क दुर्घटनाओं को कम करने और यातायात नियमों को और सख्त करने की दिशा में ठोस कदम उठाए जा सकेंगे.

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ये प्रस्ताव भी रखे जाएंगे
शिक्षा विभाग में बीआरपी (ब्लॉक रिसोर्स पर्सन) और सीआरपी (क्लस्टर रिसोर्स पर्सन) के साथ-साथ चतुर्थ श्रेणी के 4100 पदों पर भर्ती का प्रस्ताव भी कैबिनेट में रखा जाएगा. इस प्रस्ताव पर मुहर लगने के बाद राज्य में सरकारी नौकरियों के नए अवसर खुल सकते हैं, जिससे बेरोजगार युवाओं को लाभ मिलेगा.

उत्तराखंड सरकार सभी नगर निकायों में एक समान टैक्स प्रणाली लागू करने की योजना बना रही है. वर्तमान में अलग-अलग नगर निकायों में टैक्स दरें अलग-अलग हैं, जिससे पारदर्शिता की कमी बनी रहती है. नई प्रणाली लागू होने से पूरे राज्य में एक जैसी टैक्स दरें लागू होंगी, जिससे आम जनता और व्यापारियों को फायदा होगा.

री-डेवलपमेंट नीति
कैबिनेट बैठक में उत्तराखंड के पुराने बाजारों को नए सिरे से विकसित करने के लिए ‘री-डेवलपमेंट नीति’ पर भी चर्चा होगी. इस नीति के तहत राज्य के ऐतिहासिक और प्रमुख बाजारों का आधुनिकीकरण किया जाएगा, जिससे व्यापारिक गतिविधियां बेहतर होंगी और पर्यटकों को भी बेहतर सुविधाएं मिलेंगी.

उत्तराखंड के सरकारी मेडिकल कॉलेजों में पीजी करने वाले डॉक्टरों को लेकर सरकार एक नया नियम लागू करने जा रही है. इस प्रस्ताव के तहत, पीजी की पढ़ाई पूरी करने के बाद डॉक्टरों को कम से कम दो साल तक उत्तराखंड में ही नौकरी करनी होगी. इससे राज्य में विशेषज्ञ डॉक्टरों की संख्या बढ़ेगी और स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार होगा.

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दिया जाएगा आर्थिक सहायता और प्रशिक्षण
कैबिनेट बैठक में ‘मुख्यमंत्री एकल महिला स्वरोजगार योजना’ पर भी चर्चा होगी. यह योजना उन महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने के लिए लाई जा रही है जो किसी कारणवश अकेली रह रही हैं. इसके तहत महिलाओं को स्वरोजगार के लिए आर्थिक सहायता और प्रशिक्षण दिया जाएगा.

सरकार प्रदेश की स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार लाने के लिए “स्टेट एलाइड एंड हेल्थ केयर काउंसिल” के गठन की योजना बना रही है. इस काउंसिल के गठन से स्वास्थ्य सेवाओं की मॉनिटरिंग और प्रबंधन बेहतर हो सकेगा. कैबिनेट बैठक में इस प्रस्ताव को भी मंजूरी मिलने की संभावना है.

उत्तराखंड मंत्रिमंडल की यह बैठक कई बड़े फैसलों की गवाह बनेगी. संशोधित भू-कानून, बजट, नौकरियों, टैक्स प्रणाली, डिजिटल गवर्नेंस और स्वास्थ्य सुधार जैसे मुद्दों पर लिए गए फैसले राज्य के विकास को नई दिशा देंगे. अब सबकी नजरें इस बैठक पर टिकी हैं कि कौन-कौन से प्रस्तावों पर मुहर लगती है और सरकार जनता के लिए किन नई योजनाओं की घोषणा करती है.

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