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उधम सिंह नगर जिले के नानकमत्ता के साधुनगर सरौजा के पटवारी त्रिलोचन सुयाल को विजिलेंस की टीम ने 8 हजार रुपए की घूस लेते रंगे हाथ पकड़ा है. विजिलेंस की मानें तो पटवारी भूमि विवाद से जुड़े आख्या रिपोर्ट के एवज में रिश्वत मांग रहा था, लेकिन पकड़ा गया.

कुमाऊं विजिलेंस की टीम ने पटवारी को रिश्वत लेते रंगे हाथ दबोचा है. आरोपी पटवारी ने भूमि विवाद से जुड़े आख्या रिपोर्ट के एवज में पीड़ित से 8 हजार रुपए की डिमांड कर रहा था, लेकिन विजिलेंस की टीम ने पकड़ लिया. अब विजिलेंस की टीम आरोपी पटवारी को कोर्ट में पेश करने की कार्रवाई कर रही है.

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दरअसल, सतर्कता अधिष्ठान सेक्टर हल्द्वानी को एक शिकायतकर्ता से नानकमत्ता के पटवारी क्षेत्र साधुनगर सरौजा के पटवारी त्रिलोचन सुयाल की ओर से रिश्वत मांगने की शिकायत मिली थी. जिस पर हल्द्वानी सेक्टर सतर्कता अधिष्ठान के पुलिस उपाधीक्षक अनिल सिंह मनराल के पर्यवेक्षण और निरीक्षक विनोद कुमार यादव के नेतृत्व में विजिलेंस की टीम ने छापेमारी की कार्रवाई को अंजाम दिया. जिसके तहत विजिलेंस की टीम ने पटवारी त्रिलोचन सुयाल को नानकमत्ता के सुनखरी कला स्थित उनके उनके किराए के सरकारी कार्यालय से 8,000 रुपए की रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया.

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विजिलेंस के मुताबिक, नानकमत्ता निवासी एक शिकायतकर्ता ने विजिलेंस से एक शिकायत दर्ज कराई थी. जिसमें उन्होंने बताया था कि उसने अपने खेत में धान की रोपाई की थी. जब धान पककर तैयार हुई और वो काटने गया तो कुछ नामजद लोगों ने उसे काटने नहीं दिया. ऐसे में शिकायतकर्ता ने मामले को लेकर सितारगंज एसडीएम को प्रार्थना पत्र दिया. जिस पर पटवारी त्रिलोचन सुयाल ने पहले भूमि पर विवाद होने की रिपोर्ट लगाई.

वहीं, आरोप है कि दोबारा से एसडीएम को प्रार्थना पत्र देने पर पटवारी ने अपनी रिपोर्ट लगाई. आख्या में शिकायतकर्ता के पक्ष में रिपोर्ट लगाई और इसके एवज में 8 हजार रुपए की घूस मांग ली. इसके बाद शिकायतकर्ता ने विजिलेंस कार्यालय में प्रार्थना पत्र देकर कार्रवाई करने की मांग की. ऐसे में शिकायत की जांच करने और आरोपी को दबोचने के लिए निरीक्षक विनोद कुमार यादव के नेतृत्व में ट्रैप टीम का गठन किया गया. इसी के तहत विजिलेंस की ट्रैप टीम ने पटवारी त्रिलोचन सुयाल को शिकायतकर्ता से आठ हजार रुपए की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया.

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