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​खेल जगत को लगा गहरा सदमा: भारतीय शूटिंग के ‘द्रोणाचार्य’ जसपाल राणा का आकस्मिक निधन, म्यूनिख से लौटते समय बिगड़ी थी तबीयत

नई दिल्ली/देहरादून:

भारतीय खेल इतिहास का एक चमकता सितारा हमेशा के लिए अस्त हो गया है। देश के दिग्गज निशानेबाज और भारतीय पिस्टल शूटिंग टीम के हाई-परफॉर्मेंस कोच जसपाल राणा का दुखद निधन हो गया है। नेशनल राइफल एसोसिएशन ऑफ इंडिया (NRAI) ने अधिकारिक तौर पर उनके निधन की पुष्टि की है, जिसके बाद पूरे देश और खेल प्रेमियों में शोक की लहर दौड़ गई है।

​सफर के दौरान बिगड़ी थी तबीयत

​प्राप्त जानकारी के मुताबिक, जसपाल राणा जर्मनी के म्यूनिख में आयोजित ‘आईएएसएफ (ISSF) विश्व कप’ में भारतीय टीम के साथ गए थे। वहां से स्वदेश लौटते समय अचानक उनके स्वास्थ्य में गिरावट आ गई। नई दिल्ली हवाई अड्डे पर उतरने के बाद उन्हें तुरंत साकेत के मैक्स अस्पताल ले जाया गया। डॉक्टरों की विशेष टीम ने उन्हें बचाने की हरसंभव कोशिश की, लेकिन नियति को कुछ और ही मंजूर था और उन्होंने अस्पताल में अंतिम सांस ली।

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​उत्तराखंड के लाल ने विश्व पटल पर चमकाया था नाम

​मूल रूप से उत्तराखंड के टिहरी गढ़वाल (चिलामू गांव) से ताल्लुक रखने वाले जसपाल राणा ने अपनी अचूक निशानेबाजी से वैश्विक मंच पर भारत का परचम लहराया था। उन्होंने अपने करियर में देश को कई ऐतिहासिक अंतरराष्ट्रीय पदक दिलाए।

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​निशानेबाजी से संन्यास लेने के बाद भी खेल के प्रति उनका समर्पण कम नहीं हुआ। उन्होंने एक मार्गदर्शक और कोच की भूमिका अपनाई और देश को विश्व स्तरीय शूटर दिए।

​मनु भाकर जैसी प्रतिभाओं को तराशा

​देहरादून के मझोन में स्थित जसपाल राणा की शूटिंग रेंज को भारतीय निशानेबाजी की ‘नर्सरी’ कहा जाता है। इसी मैदान पर पसीना बहाकर देश के कई नामचीन खिलाड़ियों ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सफलता के झंडे गाड़े हैं। हाल के वर्षों में ओलंपिक पदक जीतकर इतिहास रचने वाली मनु भाकर भी उन्हीं की शिष्या रही हैं, जिन्हें जसपाल ने खुद अपने मार्गदर्शन में तैयार किया था।

 

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​खेल जगत में अपूरणीय क्षति

​जसपाल राणा का इस तरह अचानक चले जाना भारतीय खेल बिरादरी, खासकर निशानेबाजी के लिए एक ऐसा शून्य छोड़ गया है जिसे कभी भरा नहीं जा सकता। एक बेहतरीन खिलाड़ी, एक सख्त मगर सहृदय कोच और युवाओं के प्रेरणास्रोत के रूप में उनका योगदान हमेशा अमर रहेगा। खेल प्रेमी और पूरा देश उनकी खेल भावना और देश के प्रति उनके समर्पण को हमेशा नमन करेगा।

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