खबर शेयर करें -

बरेली. एक के बाद एक पांच बेटियों का जन्म होने के बाद एक पिता ने बेटे की चाहत में अपनी पत्नी के गर्भ में पल रही संतान का खुद परीक्षण करना चाहा, जिसके चलते उसने हसिये से पत्नी का पेट काट दिया। महिला के पेट में आठ माह का गर्भ था। लेकिन पेट फाड़ने से उसकी मौत हो गई। हालांकि पत्नी की जान जैसे तैसे बच गई। इस मामले में कोर्ट ने पति को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है।

ये है पूरा मामला

दरअसल यूपी के बरेली जिले में स्थित सिविल लाइंस थाना क्षेत्र के गां व घोंचा निवासी युवती अनिता की शादी करीब 22 साल पहले नेकपुर निवासी पन्नालाल के साथ हुई थी। शादी के बाद एक एक कर अनिता और पन्नालाल को पांच बेटियां हो गई। पन्नालाल को हर बार बेटे की चाहत रहती थी। लेकिन हर बार बेटी होने के कारण वह परेशान हो गया था और वह अपनी पत्नी से भी आए दिन झगड़ा करके दूसरी शादी करने की धमकी देता था। इसी बीच जब उसकी पत्नी फिर से गर्भवती हो गई तो वह उसके पेट में लड़का है या लड़की ये जानने के लिए उसका पेट हसिये से काटकर देखने की बात कहता रहता था। एक दिन अचानक उसने अपनी पत्नी का पेट फाड़ दिया। हालांकि पेट काटने से महिला का आठ माह का गर्भ खराब हो गया और वह भी गंभीर रूप से घायल हो गई। जैसे तैसे डॉक्टरों ने उसकी जान बचा ली। अब इस मामले में पति को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है।

छठी बार गर्भवती हुई थी अनिता

आपको बतादें कि अनिता जब छठी बार गर्भवती हुई तो उसका पति वहशी बन गया। उसे अच्छा बुरा कुछ समझ नहीं आ रहा था। उसने अपनी ही पत्नी का पेट काट दिया। ये घटना 19 सितंबर 2020 शाम करीब 4 बजे की बताई जा रही है। पति पन्नालाल ने पत्नी से कहा कि तेरा पेट फाड़कर देखूंगा लड़का है या लड़की। इसके बाद उसका पेट हसिये से फाड़ दिया।

अनिता के भाई ने दर्ज कराया केस

इस मामले में अनिता के भाई ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी। जिसके बाद केस चला तो जांच के बाद हंसिया जब्त कर पन्नालाल को जेल भेज दिया था। इस मामले में सबूत एकत्रित करने के बाद आरोपपत्र कोर्ट में पेश किया गया। इस मामले में न्यायाधीश ने गुरुवार को पत्रावली का अवलोकन कर दोनों पक्षों के वकीलों की दलीलें सुनने के बाद पन्नालाल को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है।

ADVERTISEMENTS Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad