
अग्रसर भारत (न्यूज़ डेस्क), देहरादून:
उत्तराखंड प्रदेश की 670 बहुउद्देशीय प्राथमिक कृषि ऋण सहकारी समितियों (पैक्स) में कर्मचारियों के कार्य बहिष्कार के चलते ऋण वितरण, बैंकिंग, खाद-बीज वितरण समेत कई महत्वपूर्ण सहकारी सेवाएं पूरी तरह से प्रभावित हो गई हैं।
छह सूत्री मांगों को लेकर आंदोलनरत कर्मचारियों ने दूसरे दिन भी निबंधक कार्यालय में विरोध प्रदर्शन किया। पैक्स सचिव कर्मचारी संयुक्त संगठन के प्रदेश अध्यक्ष बहुगुणी डरियाल ने स्पष्ट किया कि जब तक उनकी मांगों पर ठोस अमल नहीं होता, तब तक यह आंदोलन अनवरत जारी रहेगा।
संगठन के प्रदेश अध्यक्ष के अनुसार, 13 सितंबर से चरणबद्ध आंदोलन चलाने के बावजूद मांगों की अनदेखी की जा रही है। आंदोलन के चलते पैक्स के माध्यम से किसानों को दिए जाने वाले कृषि ऋण, खाद-बीज और अन्य सहकारी सुविधाएं उपलब्ध नहीं हो पा रही हैं। इसके साथ ही जन औषधि केंद्र, सीएससी सेंटर और मोटा अनाज मिशन जैसी गतिविधियां भी प्रभावित हुई हैं। संगठन का कहना है कि जब तक कर्मचारियों की समस्याओं का समाधान नहीं होता, आंदोलन जारी रहेगा।
धरना-प्रदर्शन में प्रकाश जोशी, अनीता भट्ट, प्रियंका मनवाल, संदीप पैन्युली, अविनाश शर्मा, आकाश शर्मा, गौतम आदि प्रमुख रूप से शामिल रहे।
प्रमुख बयान:
“आंदोलनरत कर्मचारियों को अपर निबंधक की ओर से वार्ता के लिए बुलाया गया था। वार्ता के दौरान कर्मचारियों का स्पष्ट कहना था कि जब तक सभी मांगों पर लिखित आश्वासन नहीं मिलेगा, आंदोलन जारी रहेगा।”
— संदीप पैन्युली, संगठन के मीडिया प्रभारी
“कर्मचारियों की मांगों के समाधान का निरंतर प्रयास किया जा रहा है। उनसे बातचीत करके कुछ मांगों पर सहमति भी बनी है।”
— ईरा उप्रेती, अपर निबंधक, सहकारी समितियां



