
बिंदुखत्ता (लालकुआं): क्षेत्र के टेंट चौराहा क्षेत्र में अमित बिष्ट के नाम से रह रहे एक युवक की वास्तविक पहचान उजागर होने के बाद हड़कंप मच गया। ग्रामीणों द्वारा दस्तावेजों की जांच किए जाने पर युवक का नाम अजीम खान सामने आया। इसके बाद ग्रामीणों ने उसे पुलिस के हवाले कर दिया। लिखित तहरीर न मिलने पर पुलिस ने आरोपी का पुलिस एक्ट में चालान किया है, लेकिन फर्जी पहचान के साथ क्षेत्र में रहने के पीछे की मंशा को लेकर तरह-तरह के सवाल उठ रहे हैं।
फर्जी नाम से रहने पर उठे सवाल
प्राप्त जानकारी के अनुसार, टेंट चौराहा स्थित एक मकान में रुद्रपुर निवासी एक युवक रह रहा था। ग्रामीणों को जब उसकी गतिविधियों और पहचान पर संदेह हुआ तो मंगलवार को उन्होंने उससे पूछताछ की। शुरुआत में युवक ने अपना नाम अमित बिष्ट बताया।
हालांकि, जब ग्रामीणों ने उसके आधार कार्ड और अन्य दस्तावेजों की पड़ताल की, तो उसमें उसकी वास्तविक पहचान अजीम खान, पुत्र नन्हे खान (निवासी रुद्रपुर) के रूप में सामने आई। हिंदू नाम बताकर रहने की बात उजागर होते ही मौके पर ग्रामीणों की भारी भीड़ जमा हो गई।
कोतवाली में हंगामा, कड़ी कार्रवाई की मांग
घटना की खबर फैलते ही दर्जनों ग्रामीण और स्थानीय कार्यकर्ता कोतवाली लालकुआं पहुंच गए। उन्होंने पुलिस प्रशासन से युवक और उसे बिना सत्यापन शरण देने वाले परिवार के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की।
बढ़ते तनाव को देखते हुए मकान मालिक परिवार ने ग्रामीणों से माफी मांगी और भविष्य में उक्त युवक से किसी भी प्रकार का संबंध न रखने का भरोसा दिया।
पुलिस एक्ट के तहत हुई कार्रवाई
लालकुआं पुलिस के मुताबिक, मामले में किसी भी पक्ष की ओर से कोई लिखित तहरीर प्राप्त नहीं हुई थी। तहरीर न मिलने के कारण पुलिस ने शांति व्यवस्था बनाए रखने और परिस्थितियों के आधार पर युवक के खिलाफ पुलिस एक्ट के तहत चालानी कार्रवाई की है।
क्षेत्र के हित में सत्यापन की उठ रही मांग
इस पूरे प्रकरण ने बिंदुखत्ता और आसपास के क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था तथा बाहरी लोगों के सत्यापन को लेकर गंभीर चिंताएं पैदा कर दी हैं। स्थानीय लोगों का मानना है कि पहचान छिपाकर रहने के पीछे लव जिहाद या क्षेत्र में किसी संदिग्ध गतिविधि को अंजाम देने की मंशा से इनकार नहीं किया जा सकता।
क्षेत्रीय नागरिकों ने प्रशासन से मांग की है कि बिंदुखत्ता और आसपास किराए पर या अस्थायी रूप से रह रहे सभी बाहरी व्यक्तियों का सघन पुलिस सत्यापन (Police Verification) अनिवार्य रूप से कराया जाए, ताकि भविष्य में किसी भी अप्रिय घटना या साजिश से क्षेत्र को सुरक्षित रखा जा सके।



