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उत्तराखंड, हल्द्वानी 

हल्द्वानी में आज सीवर ट्रीटमेंट सिस्टम का डेमोंसट्रेशन हुआ, इस मौके पर कुमाऊं कमिश्नर और जल संस्थान अधिकारी मौजूद रहे, सीवर लाइन में आने वाले कचड़े को देखते हुए रोबोटिक आर्म्स सीवरेज क्लीनीज सिस्टम का डेमोंसट्रेशन किया गया, इस मशीन की लागत करीब 40 लाख है जो आधुनिक तकनीक से लैस है।

 

खासकर पहाड़ी जिलों में जहां सीवर की मशीनें नहीं पहुंचे सकती या सीवर को मैनुअली साफ करना पड़ता है उन जगहों के लिए यह सिस्टम बहुत उपयोगी है, इस सिस्टम को अभी देश के 17 राज्य अपना रहे हैं, रोबोटिक आर्म्स सीवरेज क्लीनीज सिस्टम एक बार में करीब 20 से 25 किलो कूड़े को सीवर लाइन से बाहर निकाल सकती है, यही नहीं सीवर लाइन के अंदर मौजूद गैसों के मिश्रण को भी सेंसर के द्वारा पता किया जा सकता है।

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सबसे बड़ा फायदा तो रोबोटिक आर्म्स सीवरेज क्लीनीज सिस्टम का यह है की मैनुअल तरीके से सीवर की सफाई के प्रावधान को बंद करने पर विचार किया जा सकता है क्योंकि सीवर की सफाई के दौरान सीवर लाइन में उतरने और वहां मौजूद गैंसो से कई मजदूरों की मौत हो जाती है।

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कुमाऊं कमिश्नर दीपक रावत के मुताबिक आने वाले दिनों में इस मशीन के लिए बजट का प्रावधान भी रखा जाएगा जिससे सीवर की सफाई रोबोटिक तरीके से हो सके।

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जल संस्थान के अधीक्षण अभियंता विशाल सक्सेना के मुताबिक फिलहाल हल्द्वानी और नैनीताल शहर के लिए रोबोटिक आर्म्स सीवरेज क्लीनीज सिस्टम मंगवाने के लिए बजट का प्रावधान किया जा रहा है क्योंकि यह सिस्टम काफी महंगा है।

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