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भीमताल हरेला मेला 2024 का हिसाब सार्वजनिक: 22 लाख की कमाई पर 26 लाख का खर्च, 2 साल के कड़े संघर्ष के बाद खुली आय-व्यय की फाइल

​भीमताल: नगर पालिका परिषद भीमताल द्वारा आयोजित ऐतिहासिक ‘हरेला मेला 2024’ के आय-व्यय को लेकर व्यवस्था की पारदर्शिता की एक बड़ी जीत सामने आई है। सामाजिक कार्यकर्ता पूरन बृजवासी के दो साल के अनवरत संघर्ष और प्रयासों के बाद आखिरकार पालिका प्रशासन को मेले का पूरा वित्तीय ब्योरा सार्वजनिक करना पड़ा है। नगर पालिका के अधिशासी अधिकारी राहुल कुमार सिंह द्वारा हस्ताक्षरित आधिकारिक रिपोर्ट बृजवासी को सौंप दी गई है।

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​कमाई से अधिक खर्च, चौंकाने वाले आंकड़े

नगर पालिका द्वारा जारी “हरेला मेला 2024 आय-व्यय का विवरण” के अनुसार, आयोजन में कुल आय से अधिक खर्च दर्ज किया गया है:

  • ​कुल आय: ₹22,13,778 (दुकान किराए से ₹18.24 लाख, मनोरंजन उपकरणों से ₹3.25 लाख और निविदा बिक्री से ₹64,428)
  • ​कुल व्यय: ₹25,98,287
  • ​प्रमुख खर्च: टीन शेड दुकान निर्माण पर ₹5,00,000, सांस्कृतिक कार्यक्रमों पर ₹3,86,900, विद्युत व साउंड व्यवस्था पर ₹3,36,300 तथा सफाई व्यवस्था पर ₹2,95,000 खर्च किए गए।
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​आंकड़ों के मुताबिक मेले में आमदनी की तुलना में ₹3,84,509 अधिक खर्च हुए। इस वित्तीय घाटे और भारी-भरकम खर्चों (विशेषकर ₹5 लाख के टीन शेड निर्माण) को लेकर स्थानीय स्तर पर सवाल उठने लगे हैं कि इस घाटे की भरपाई किस मद से की गई और जनता को इन ढांचों का दीर्घकालिक लाभ मिला या नहीं।

​2 साल तक रिपोर्ट दबाने पर उठे सवाल

सामाजिक कार्यकर्ता पूरन बृजवासी ने कहा, “मेला जनता के टैक्स और सार्वजनिक धन से आयोजित होता है, इसलिए इसका पाई-पाई का हिसाब जनता के सामने होना चाहिए।” उन्होंने वर्तमान अधिशासी अधिकारी द्वारा विवरण उपलब्ध कराने पर आभार व्यक्त करते हुए सवाल उठाया कि पूर्व के अधिकारियों के कार्यकाल में दो साल तक इस रिपोर्ट को क्यों दबाकर रखा गया।

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​बृजवासी ने नगर पालिका प्रशासन से मांग की है कि भविष्य में व्यवस्था को पारदर्शी बनाए रखने के लिए हर मेले के समापन के 15 दिनों के भीतर आय-व्यय का पूरा ब्योरा पालिका की आधिकारिक वेबसाइट, कार्यालय के सूचना पट और समाचार पत्रों में अनिवार्य रूप से सार्वजनिक किया जाए।

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