सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल करने और धमकी देने का आरोप, लालकुआं कोतवाली पहुंचे जफर अंसारी; कार्रवाई की मांग
गणेश महोत्सव के पुराने वीडियो को बिना अनुमति प्रसारित करने का आरोप, आपत्तिजनक टिप्पणियों और ‘सबक सिखाने’ की धमकी का भी दावा; पुलिस ने मामले को संज्ञान में लेकर जांच शुरू की
लालकुआं। सोशल मीडिया पर एक पुराने वीडियो को कथित तौर पर बिना अनुमति प्रसारित किए जाने और उसके साथ अभद्र एवं आपत्तिजनक टिप्पणियां किए जाने का मामला सामने आया है। लालकुआं के समाजसेवी जफर अंसारी ने हिंदूवादी नेता कमल मुनि के साथ कोतवाली पहुंचकर पुलिस को तहरीर दी और मामले में प्राथमिकी दर्ज कर निष्पक्ष जांच तथा आरोपियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग की।
जफर अंसारी ने आरोप लगाया कि करीब दो वर्ष पुराने एक वीडियो को अब सोशल मीडिया पर प्रसारित किया जा रहा है। उनके मुताबिक वीडियो में वह गणेश महोत्सव के एक सार्वजनिक कार्यक्रम के दौरान भगवान भोले शंकर के भजन पर नृत्य करते दिखाई दे रहे हैं। उनका आरोप है कि वीडियो को उनकी अनुमति के बिना दोबारा प्रसारित करने के साथ उनके खिलाफ आपत्तिजनक और अपमानजनक टिप्पणियां की जा रही हैं।
📱 दो साल पुराने वीडियो को लेकर उठाया मामला
कोतवाली में दी गई तहरीर के अनुसार, जफर अंसारी लंबे समय से गणेश महोत्सव समिति से जुड़े हुए हैं और धार्मिक एवं सांस्कृतिक आयोजनों में सक्रिय रूप से भाग लेते रहे हैं।
उनका कहना है कि करीब दो वर्ष पहले गणेश महोत्सव के दौरान आयोजित एक सार्वजनिक कार्यक्रम में भगवान भोले शंकर के भजन पर उनके नृत्य का वीडियो नई बस्ती निवासी समीर खान ने बनाया था।
जफर अंसारी का आरोप है कि उस समय बनाए गए वीडियो को अब सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर प्रसारित किया जा रहा है। वीडियो के साथ कथित तौर पर ऐसी टिप्पणियां की गईं, जिन्हें उन्होंने अभद्र, अपमानजनक और आपत्तिजनक बताया है।
⚠️ ‘सबक सिखाने’ की धमकी देने का भी आरोप
जफर अंसारी ने पुलिस को दी शिकायत में यह भी आरोप लगाया है कि वीडियो के साथ उन्हें ‘सबक सिखाने’ की धमकी दी गई। उनका कहना है कि इस तरह की टिप्पणियों और धमकी के कारण उनकी सामाजिक प्रतिष्ठा प्रभावित हुई है तथा उन्हें भय और असुरक्षा का सामना करना पड़ रहा है।
उन्होंने पुलिस से पूरे मामले की गंभीरता से जांच कर यह पता लगाने की मांग की है कि वीडियो किसने प्रसारित किया, उसके साथ आपत्तिजनक टिप्पणियां किसने कीं और धमकी देने वाले लोगों की पहचान क्या है।
🔎 नासिर हुसैन पर भी लगाए आरोप
तहरीर में जफर अंसारी ने नासिर हुसैन नामक व्यक्ति पर भी उनके संबंध में आपत्तिजनक टिप्पणियां करने का आरोप लगाया है।
उनका कहना है कि वीडियो सोशल मीडिया पर प्रसारित होने के बाद नासिर हुसैन की ओर से भी उनके संबंध में कथित तौर पर आपत्तिजनक टिप्पणियां की गईं। जफर अंसारी के अनुसार, उनके बारे में अन्य लोगों से जानकारी जुटाने का प्रयास भी किया गया।
उन्होंने यह भी दावा किया कि नासिर हुसैन की कुछ कथित टिप्पणियां बाद में सोशल मीडिया से हटा दी गईं।
हालांकि, इन सभी आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है। पुलिस जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि सोशल मीडिया पर किस तरह की सामग्री प्रसारित की गई और उसमें किन लोगों की भूमिका थी।
👮 पुलिस ने मामले को लिया संज्ञान में
मामले की शिकायत मिलने के बाद लालकुआं पुलिस ने इसे संज्ञान में लिया है। प्रभारी निरीक्षक ब्रजमोहन सिंह राणा ने बताया कि मामला पुलिस के संज्ञान में आया है और पूरे प्रकरण की जांच की जा रही है।
पुलिस सोशल मीडिया पर प्रसारित वीडियो, संबंधित टिप्पणियों और शिकायत में लगाए गए आरोपों की पड़ताल कर रही है। जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
🤝 कमल मुनि ने भी कार्रवाई की मांग उठाई
जफर अंसारी के साथ हिंदूवादी नेता कमल मुनि भी कोतवाली पहुंचे। उन्होंने मामले में निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।
कमल मुनि ने कहा कि यदि मामले में उचित कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन किया जाएगा। इससे मामले ने स्थानीय स्तर पर भी चर्चा का रूप ले लिया है।
🧾 पुलिस जांच के बाद साफ होगी तस्वीर
फिलहाल यह मामला सोशल मीडिया पर पुराने वीडियो के प्रसारण, कथित आपत्तिजनक टिप्पणियों और धमकी के आरोपों से जुड़ा है। शिकायतकर्ता ने प्राथमिकी दर्ज करने और विधिसम्मत कार्रवाई की मांग की है, जबकि पुलिस ने जांच शुरू करने की बात कही है।
अब जांच के दौरान सोशल मीडिया पोस्ट और वीडियो की वास्तविकता, उसके प्रसारण का स्रोत, कथित टिप्पणियों तथा धमकी से जुड़े आरोपों की पुष्टि महत्वपूर्ण होगी। आरोपों की पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी।
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सोशल मीडिया पर पुरानी सामग्री को दोबारा प्रसारित करना भी विवाद का कारण बन सकता है। किसी व्यक्ति के वीडियो के साथ अपमानजनक टिप्पणी, धमकी या भ्रामक संदर्भ जोड़कर उसे वायरल किए जाने की स्थिति में मामला गंभीर हो सकता है। ऐसे मामलों में सोशल मीडिया पोस्ट को आगे शेयर करने के बजाय उसकी सत्यता जांचना और आपत्तिजनक सामग्री मिलने पर संबंधित प्लेटफॉर्म तथा पुलिस को सूचना देना अधिक सुरक्षित और जिम्मेदार कदम है।
फोटो परिचय: लालकुआं कोतवाल को ज्ञापन देते जफर अंसारी और हिंदूवादी नेता कमल मुनि।


