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🙏 “जाको राखे साइयां, मार सके न कोय”

उत्तराखंड के कपकोट तहसील के पौंसारी गांव में आई भीषण आपदा ने पूरे इलाके को दहला दिया। इस प्राकृतिक आपदा में 14 वर्षीय पवन की जान चमत्कारिक ढंग से बची। मलबे में मकान और गोशाला के साथ बहने के बाद वह एक बकरी के साथ छिटककर रिंगाल की झाड़ी में फंस गया और रातभर उसी के सहारे जिंदा रहा।


🌀 कैसे हुआ हादसा?

  • गुरुवार देर रात करीब डेढ़ बजे अतिवृष्टि के चलते पौंसारी गांव के खाईजर इलाके में रमेश जोशी और पूरन जोशी के मकान मलबे में समा गए।

  • मलबा आने से रमेश जोशी का खुशहाल परिवार बिखर गया।

  • इस हादसे में रमेश जोशी की पत्नी की मौत हो गई, बड़ा बेटा सुमित लापता है।

  • छोटा बेटा पवन भी मलबे में बह गया, लेकिन उसका बचना एक चमत्कार साबित हुआ।

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🐐 बकरी बनी जीवनरक्षक

  • पवन मलबे के साथ करीब 100 मीटर दूर तक बह गया

  • बहते समय वह एक बकरी के साथ झाड़ियों में अटक गया।

  • पूरी रात पवन बकरी से चिपककर झाड़ी में फंसा रहा।

  • सुबह जब ग्रामीण देवराम वहां पहुंचे तो उन्होंने पवन को सुरक्षित बाहर निकाला।

  • इस दौरान बकरी घबराकर नदी में कूद गई और बह गई।

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🏥 अस्पताल में भर्ती

  • पवन को तुरंत गांव में प्राथमिक इलाज दिया गया और बाद में जिला अस्पताल भर्ती कराया गया।

  • ग्रामीणों का कहना है कि उसका बचना किसी चमत्कार से कम नहीं

  • पूर्व शिक्षक देवीदत्त पांडे ने कहा, “जिस तरह वह मकान के साथ बह गया था, किसी को उम्मीद नहीं थी कि वह जिंदा बचेगा।”


👨‍👦 गणेश बनेगा सहारा

  • रमेश जोशी के तीन पुत्रों में सबसे बड़ा गणेश दिल्ली में प्राइवेट नौकरी करता है

  • हादसे की सूचना मिलते ही वह घर के लिए रवाना हो गया।

  • अब परिवार और पवन की जिम्मेदारी उसी के कंधों पर आ गई है।

  • रमेश जोशी पशुपालन और यजमानी से परिवार चलाते थे।