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दिल की सुरक्षा, देश की रक्षा: हृदय रोग और साइलेंट हार्ट अटैक पर सरकार ठोस कदम उठाए – मोहन कुड़ाई
लालकुआं (बिंदुखत्ता), नैनीताल।
देश और प्रदेश में तेजी से बढ़ रहे हृदय रोग तथा साइलेंट हार्ट अटैक के मामलों पर गंभीर चिंता व्यक्त करते हुए वरिष्ठ कांग्रेस नेता एवं पर्यावरण प्रेमी मोहन कुड़ाई ने केंद्र एवं राज्य सरकार के साथ-साथ स्वास्थ्य विभाग से नागरिकों के जीवन की सुरक्षा के लिए व्यापक और प्रभावी कदम उठाने की अपील की है।
उन्होंने कहा कि बदलती जीवनशैली, असंतुलित खान-पान, बढ़ता मानसिक तनाव और शारीरिक निष्क्रियता के कारण हृदय रोग तेजी से बढ़ रहे हैं। अब केवल बुजुर्ग ही नहीं, बल्कि युवा भी इसकी चपेट में आ रहे हैं। इसलिए हृदय स्वास्थ्य को राष्ट्रीय जनस्वास्थ्य की सर्वोच्च प्राथमिकता बनाया जाना चाहिए।
प्रमुख मांगें
प्रत्येक गांव और शहर में नियमित निःशुल्क हृदय स्वास्थ्य जांच शिविर लगाए जाएं।
ब्लड प्रेशर, शुगर, कोलेस्ट्रॉल और ईसीजी (ECG) जैसी आवश्यक जांचें सभी नागरिकों के लिए सुलभ और निःशुल्क उपलब्ध कराई जाएं।
स्कूलों, कॉलेजों, सरकारी एवं निजी संस्थानों में CPR (जीवनरक्षक प्राथमिक उपचार) का प्रशिक्षण अनिवार्य किया जाए।
एम्बुलेंस सेवाओं और आपातकालीन हृदय उपचार सुविधाओं को आधुनिक और अधिक प्रभावी बनाया जाए।
हृदय रोगों की रोकथाम के लिए व्यापक जनजागरूकता अभियान चलाया जाए।
मोहन कुड़ाई ने कहा कि यदि आम नागरिकों को समय रहते हृदय रोग के लक्षणों की जानकारी और CPR का प्रशिक्षण मिल जाए, तो अनेक लोगों की जान बचाई जा सकती है।
उन्होंने सरकार से आग्रह करते हुए कहा कि “जागरूकता ही बचाव है, समय पर जांच ही जीवन की सुरक्षा है।” सरकार इस जनहित के विषय पर शीघ्र ठोस निर्णय लेकर आम नागरिकों के स्वास्थ्य की रक्षा सुनिश्चित करे।
निवेदक:
मोहन कुड़ाई
वरिष्ठ कांग्रेस नेता एवं पर्यावरण प्रेमी
निवासी: बिंदुखत्ता, लालकुआं, नैनीताल (उत्तराखंड