कार रोड (बिंदुखत्ता/लालकुआं): लालकुआं क्षेत्र के अंतर्गत बिंदुखत्ता का कार रोड मार्केट आज सुबह से ही संघर्ष का अखाड़ा बना हुआ है। बेलगाम दौड़ते ओवरलोड वाहनों के कारण हो रही मौतों और प्रशासन की निरंतर अनदेखी से आक्रोशित व्यापारियों ने ‘कार रोड व्यापार मंडल’ के नेतृत्व में सुबह 9:00 बजे से पूर्ण चक्का जाम कर दिया है। आंदोलित व्यापारियों ने गोला निकासी और वन विभाग के वाहनों को रोककर शासन-प्रशासन के विरुद्ध तीव्र प्रदर्शन और नारेबाजी की।
एक साथी को खोने का गम और प्रशासन की संवेदनहीनता
व्यापारियों के इस उग्र विरोध के मूल में हालिया दो हृदयविदारक घटनाएं हैं:
- दुखद शहादत: दो दिन पूर्व कुंवर सिंह गाड़िया, लालकुआं से दैनिक सब्जी लेकर अपने निवास की ओर लौट रहे थे, तभी गोला के एक अनियंत्रित वाहन ने उन्हें कुचल दिया। इस भीषण हादसे में उनकी मृत्यु हो गई, जिससे संपूर्ण क्षेत्र शोकाकुल है।
- बाल-बाल बची बड़ी त्रासदी: बीते कल वन विभाग की लकड़ी से लदी एक अति-ओवरलोड ट्राली का टायर फटने से वह अनियंत्रित होकर चंदन सिंह सैलाकोटी की दुकान की ओर जा घुसी। यदि समय रहते लोग न हटते, तो कई और परिवार आज उजड़ गए होते।
व्यापारियों की ‘पंच-सूत्रीय’ मांगें: अब निर्णायक जंग
- ओवरलोडिंग का तत्काल अंत: सड़कों पर दौड़ रहे क्षमता से अधिक भार वाले वाहनों पर पूर्ण प्रतिबंध लगे और दोषियों पर कठोर दंडात्मक कार्रवाई हो।
- प्रकाश व्यवस्था (स्ट्रीट लाइट): कार रोड बाजार में व्याप्त अंधेरे को दूर करने हेतु तत्काल स्ट्रीट लाइटें स्थापित की जाएं।
- धूल निवारण हेतु जल छिड़काव: उड़ती धूल ने जनजीवन दूभर कर दिया है। व्यापारियों के स्वास्थ्य की रक्षा हेतु नियमित जल छिड़काव सुनिश्चित किया जाए।
- सड़क सुधारीकरण: जर्जर हो चुकी कार रोड को तत्काल गड्ढा मुक्त कर आवागमन योग्य बनाया जाए।
- अधिकारियों की उपस्थिति: व्यापार मंडल का संकल्प है कि जब तक उच्चाधिकारी स्वयं मौके पर आकर ठोस लिखित आश्वासन नहीं देते, आंदोलन समाप्त नहीं होगा।
शक्ति प्रदर्शन में उमड़ा व्यापारिक समाज
खबर लिखे जाने तक मौके पर व्यापार मंडल के अध्यक्ष प्रभात पाल के नेतृत्व में भारी संख्या में व्यापारी डटे हुए हैं। विरोध प्रदर्शन में मुख्य रूप से कैलाश चंद, हरीश दानू, पंकज पांडेय भुवन नगरकोटी, डिगर तुलेरा, मदन तुलेरा, नरेंद्र बिष्ट, पवन खत्री, दीपक मेहता, कुंदन, प्रहलाद एवं क्षेत्र के समस्त सम्मानित व्यापारी उपस्थित रहे।
व्यापार मंडल का कड़ा रुख:
“हमने अपना एक साथी (कुंवर सिंह गाड़िया) खो दिया है। क्या प्रशासन अब और मौतों की प्रतीक्षा कर रहा है? बदहाल सड़कें और यमदूत बने ओवरलोड वाहन हमारे जीवन के लिए खतरा बन चुके हैं। अब कोरे आश्वासन स्वीकार नहीं होंगे।”
‘अग्रसर भारत न्यूज़’ की विशेष अपील
लालकुआं प्रशासन और वन विभाग को इस विस्फोटक स्थिति को गंभीरता से लेना चाहिए। एक निर्दोष नागरिक की जान जा चुकी है और व्यापारियों का यह रोष अब एक बड़े जन-आंदोलन की दिशा में बढ़ रहा है। किसी भी अप्रिय स्थिति या कानून-व्यवस्था की हानि से पूर्व प्रशासन को तत्काल संज्ञान लेकर निराकरण करना चाहिए।


