breaking news
खबर शेयर करें -

हल्द्वानी (अग्रसर भारत ब्यूरो):

हल्द्वानी नगर क्षेत्र में अभिभावकों की जेब पर डाका डालने वाले निजी स्कूलों और पुस्तक विक्रेताओं के सिंडिकेट के खिलाफ जिला प्रशासन ने सख्त रुख अख्तियार कर लिया है। जिलाधिकारी नैनीताल के कड़े निर्देशों के अनुपालन में रविवार, 5 अप्रैल 2026 को प्रशासन और शिक्षा विभाग की संयुक्त टीमों ने शहर के प्रमुख बुक सेलर्स पर ताबड़तोड़ छापेमारी की। इस कार्रवाई से हड़कंप मच गया है।

तीन टीमों ने खंगाला शहर का कोना-कोना

​निरीक्षण के लिए प्रशासन द्वारा तीन विशेष टीमों का गठन किया गया था, जिसका नेतृत्व नगर मजिस्ट्रेट (हल्द्वानी) ए.पी. बाजपेयी, उपजिलाधिकारी प्रमोद कुमार एवं तहसीलदार हल्द्वानी ने किया। इन टीमों में शिक्षा विभाग के साथ-साथ राज्य कर विभाग के अधिकारी भी शामिल रहे।

  • नगर मजिस्ट्रेट की टीम: कालाढूंगी रोड स्थित वर्धमान बुक डिपो, पूर्णमल एंड संस और करियर जोन का निरीक्षण किया।
  • उपजिलाधिकारी की टीम: मंगलपड़ाव स्थित पूरनमल एंड संस, दीक्षा बुक डिपो, टुडे बुक डिपो और पी. कुमार की दुकानों की जांच की।
  • तहसीलदार की टीम: कंसल बुक डिपो और प्रीत बुक डिपो में रिकॉर्ड खंगाले।
यह भी पढ़ें -  🚨 महिला से कई साल तक दरिंदगी, यौन शोषण और ब्लैकमेलिंग सिंडिकेट का खुलासा: 3 प्रॉपर्टी डीलरों पर केस ⚠️

जांच में हुए चौंकाने वाले खुलासे

​छापेमारी के दौरान प्रशासन को कई गंभीर अनियमितताएं मिली हैं, जो निजी स्कूलों की मनमानी को उजागर करती हैं:

  1. कमीशन का खेल: मौके पर मौजूद अभिभावकों ने बताया कि कई स्कूलों द्वारा उन्हें एक ‘विशिष्ट दुकान’ की पर्ची दी जाती है, जहाँ से किताबें खरीदना अनिवार्य बनाया गया है।
  2. महंगी किताबों का बोझ: स्कूलों ने एनसीईआरटी (NCERT) के बजाय निजी प्रकाशकों की महंगी पुस्तकें पाठ्यक्रम में लगा रखी हैं। इन किताबों की कीमतें एनसीईआरटी की तुलना में कई गुना अधिक पाई गईं।
  3. बिना मान्यता के चल रहे स्कूल: जांच में यह भी सामने आया कि कुछ विद्यालय बिना वैध पंजीकरण और मान्यता के प्ले-ग्रुप, प्री-नर्सरी, एलकेजी और यूकेजी की कक्षाएं संचालित कर रहे हैं।
यह भी पढ़ें -  🚨 सिलेंडर चोरी का पर्दाफाश: मकान मालिक ने रंगेहाथ पकड़े दो आरोपी 🔥

दोषी स्कूलों को जारी होंगे नोटिस

​नगर मजिस्ट्रेट ए.पी. बाजपेयी ने बताया कि बुक सेलर्स से प्राप्त स्टॉक लिस्ट और रेट लिस्ट का सूक्ष्म अवलोकन किया जा रहा है। जिन स्कूलों ने अनावश्यक रूप से निजी प्रकाशकों की महंगी किताबें थोपी हैं और अभिभावकों को किसी विशेष दुकान पर जाने को मजबूर किया है, उनके खिलाफ शिक्षा विभाग को नोटिस जारी करने और कड़ी रिपोर्ट भेजने के निर्देश दे दिए गए हैं।