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भारत सरकार एवं प्रशासन से एक विनम्र निवेदन

विषय: अवैध रूप से रह रहे बाहरी व्यक्तियों की पहचान व नागरिक हितों की सुरक्षा हेतु मूल निवास आधारित सत्यापन प्रणाली लागू करने की अपील

 

जैसा कि सर्वविदित है, वर्तमान समय में कुछ बाहरी नागरिक अवैध रूप से भारत में प्रवेश कर रहे हैं और लंबे समय तक रहकर भारतीय नागरिक के रूप में अपने दस्तावेज़ – आधार कार्ड, राशन कार्ड, पैन कार्ड, यहाँ तक कि स्थायी निवास प्रमाण पत्र भी प्राप्त कर लेते हैं। यह स्थिति न केवल हमारे देश की आंतरिक सुरक्षा के लिए चुनौतीपूर्ण है, बल्कि भारतीय नागरिकों के अधिकारों, संसाधनों और अवसरों पर भी प्रतिकूल प्रभाव डाल रही है, क्योंकि उपरोक्त कारणों से छोटे राज्यों की भौगोलिक संगरचना पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है जिससे राज्यों की डेमोग्राफी परिवर्तन का खतरा बना हुआ है

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हमारा विनम्र अनुरोध है कि भारत सरकार इस गंभीर विषय पर संज्ञान लेते हुए एक ऐसा तंत्र विकसित करे, जिसमें मूल निवास प्रमाण को आधार बनाकर प्रत्येक दस्तावेज़ का पुनः सत्यापन अनिवार्य किया जाए। इससे देश के वास्तविक नागरिकों को उनके अधिकार सुरक्षित रूप से मिल सकेंगे और बाहरी अवैध घुसपैठियों की पहचान करना भी आसान हो जाएगा।

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यह कदम न केवल नागरिकों के हक की रक्षा करेगा, बल्कि राष्ट्र की सुरक्षा, प्रशासनिक पारदर्शिता और जनहित की दिशा में भी अत्यंत प्रभावशाली सिद्ध होगा।

हम भारत के जिम्मेदार नागरिक होने के नाते यह अपील करते हैं कि:

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1. सभी पहचान पत्रों की मूल निवास आधारित पुनः जांच की जाए।

2. अवैध रूप से दस्तावेज प्राप्त करने वालों की पहचान कर उचित कानूनी कार्रवाई की जाए।

3. राज्य व जिला स्तर पर नियमित सत्यापन अभियान चलाए जाएं।

4. आम नागरिकों को भी इसके लिए जागरूक और सहयोगी बनाया जाए।

जय हिंद,

सशक्त भारत – सुरक्षित भारत।

– अग्रसर भारत की ओर से एक सामूहिक निवेद

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