प्रमुख उपलब्धियां (Quick Highlights):
- कार्ड धारक: प्रदेश के 56.95 लाख नागरिकों के आयुष्मान कार्ड तैयार।
- उपचार: अब तक 17 लाख से अधिक मरीजों ने लिया कैशलेस इलाज का लाभ।
- बजट: गंभीर बीमारियों के इलाज पर सरकार ने खर्च किए करोड़ों रुपये।
- बुजुर्गों को तोहफा: 70+ आयु वर्ग के वरिष्ठ नागरिकों को मिला ₹5 लाख का अतिरिक्त सुरक्षा कवच।
मुख्य समाचार (News Body):
देहरादून: उत्तराखंड सरकार की ‘अटल आयुष्मान योजना’ राज्य के नागरिकों के लिए एक अभेद्य सुरक्षा कवच साबित हो रही है। स्वास्थ्य मंत्री डॉ. धन सिंह रावत द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, योजना ने न केवल गरीब बल्कि मध्यम वर्गीय परिवारों को भी गंभीर बीमारियों के भारी-भरकम खर्च से मुक्ति दिलाई है। अब तक प्रदेश में कुल 56.95 लाख कार्ड बनाए जा चुके हैं, जो राज्य की एक बड़ी आबादी को स्वास्थ्य सुरक्षा के दायरे में लाते हैं।
📊 आंकड़ों की ज़ुबानी: किस बीमारी पर कितना हुआ खर्च?
योजना के तहत हृदय रोग, कैंसर और किडनी जैसी गंभीर बीमारियों के इलाज पर सरकार ने दिल खोलकर खर्च किया है। आंकड़ों का विश्लेषण करें तो कार्डियोलॉजी (हृदय रोग) पर सबसे अधिक ₹345 करोड़ से ज्यादा की धनराशि खर्च की गई है।
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स्पेशिलिटी (रोग) |
कुल मामले (संख्या) |
कुल खर्च (करोड़ रुपये में) |
|---|---|---|
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कार्डियोलॉजी (हृदय रोग) |
39,642 |
₹345.14 |
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ओंकोलॉजी (कैंसर इलाज) |
79,653 |
₹221.34 |
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डायलिसिस (किडनी) |
2,67,397 |
₹177.61 |
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न्यूरो सर्जरी |
11,820 |
₹59.05 |
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नी-रिप्लेसमेंट (घुटना) |
2,453 |
₹21.32 |
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किडनी ट्रांसप्लांट |
25 |
₹0.54 |
👵 वरिष्ठ नागरिकों के लिए ‘डबल’ सुरक्षा
डॉ. धन सिंह रावत के अनुसार, सरकार ने 70 वर्ष से अधिक आयु के बुजुर्गों के लिए विशेष प्रावधान किए हैं। अब ऐसे परिवारों को, जिनमें वरिष्ठ नागरिक हैं, परिवार के ₹5 लाख के सामान्य कवर के अलावा बुजुर्गों के लिए ₹5 लाख का अलग व्यक्तिगत बीमा दिया जा रहा है। इसका अर्थ है कि बुजुर्गों के इलाज के लिए अब परिवार के बजट पर कोई बोझ नहीं पड़ेगा।
📢 अस्पताल मांगे पैसे तो यहाँ करें शिकायत
योजना को लेकर सरकार का रुख बेहद सख्त है। यदि कोई भी सूचीबद्ध (Empaneled) अस्पताल आयुष्मान कार्ड होने के बाद भी मरीज से पैसे मांगता है, तो सीधे आयुष्मान प्राधिकरण में शिकायत की जा सकती है। दोषी पाए जाने पर अस्पताल पर भारी जुर्माना लगाने और उसे योजना से बाहर (De-empanel) करने का सख्त प्रावधान है।
निष्कर्ष:
प्रति परिवार प्रति वर्ष ₹5 लाख तक का निशुल्क इलाज सुनिश्चित कर ‘अटल आयुष्मान योजना’ ने उत्तराखंड के स्वास्थ्य ढांचे में एक नई क्रांति ला दी है। 17 लाख मरीजों का सफल उपचार इस योजना की सफलता की जीती-जागती तस्वीर पेश करता है।


