☕ चाय पर चर्चा में उठी बड़ी मांग: बिंदुखत्ता को मिले राजस्व ग्राम का दर्जा, वनाधिकार संगठन ने सरकार से की जल्द फैसला लेने की अपील
लालकुआं में एक बार फिर बिंदुखत्ता का मुद्दा गर्म हो गया है 🔥
इस बार आंदोलन की आवाज उठी… चाय की चुस्कियों के बीच ☕
📍 कहां और कैसे हुई चर्चा?
लालकुआं क्षेत्र के
- विकासपुरी इंद्रानगर प्रथम
- तिवारी नगर टूटी पुलिया
👉 यहां वनाधिकार संगठन बिंदुखत्ता ने
“चाय पर चर्चा” कार्यक्रम आयोजित किया
📢 क्या है मुख्य मांग?
वक्ताओं ने एक सुर में कहा:
👉 बिंदुखत्ता को वनाधिकार अधिनियम-2006 के तहत राजस्व ग्राम घोषित किया जाए
वनाधिकार अधिनियम 2006 के तहत
- वर्षों से रह रहे लोगों को अधिकार मिले
- विकास कार्यों को गति मिले
⚠️ अब और देरी नहीं होनी चाहिए — यह भी स्पष्ट कहा गया
🗣️ किसने क्या कहा?
बैठक में मौजूद वक्ताओं ने जोर दिया कि:
- लंबे समय से यह मांग लंबित है
- स्थानीय लोगों को मूलभूत सुविधाओं का पूरा लाभ नहीं मिल पा रहा
- राजस्व ग्राम का दर्जा मिलने से प्रशासनिक कार्य आसान होंगे
👥 बैठक में रहे प्रमुख लोग
इस चर्चा में कई गणमान्य लोग शामिल रहे, जिनमें:
- उमेश भट्ट (अध्यक्ष)
- बलवंत बिष्ट (सचिव)
- भरत नेगी
- कमलेश चंदोला
- खिलाफ सिंह दानू
- चंचल सिंह कोरंगा
- इंद्र सिंह पनेरी
- दलबीर सिंह कफोला
- डॉ चंद्र सिंह दानू
- हीरा सिंह बिष्ट
- आरसी पुरोहित
- नंदन बोरा, दीपक नेगी समेत कई अन्य
✍️ Agresar Bharat Note
कभी-कभी बड़े फैसले…
👉 छोटे मंचों से ही शुरू होते हैं
और चाय पर हुई चर्चा
👉 कई बार आंदोलन का रूप ले लेती है ☕✊
🧾 निष्कर्ष
📌 बिंदुखत्ता के लोग अब इंतजार के मूड में नहीं हैं
👉 साफ संदेश:
- अधिकार चाहिए
- और वो भी जल्द
अब देखना होगा…
👉 सरकार इस मांग पर कब और क्या फैसला लेती है
☕ चर्चा जारी है… फैसला बाकी है


