लालकुआं। बिंदुखत्ता को वनाधिकार अधिनियम, 2006 के तहत राजस्व ग्राम घोषित करने की मांग को लेकर संघर्ष तेज़ हो गया है। इस संबंध में आज आयोजित विभिन्न सामाजिक, राजनीतिक, पूर्व सैनिक और सांस्कृतिक संगठनों की संयुक्त बैठक में आंदोलन की रूपरेखा तय की गई।
बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि आगामी स्वतंत्रता दिवस (15 अगस्त) पर ‘कार रोड’ स्थित शहीद स्मारक से घर-घर जनजागरूकता पदयात्रा का शुभारंभ किया जाएगा। यह पदयात्रा बिंदुखत्ता के सभी 32 गांवों तक पहुंचेगी, जहां रात्रि पड़ाव के दौरान भजन-कीर्तन और नुक्कड़ नाटकों के माध्यम से ग्रामीणों को उनके संवैधानिक एवं वनाधिकारों के प्रति जागरूक किया जाएगा।
इस जनजागरूकता अभियान के समापन के बाद 20 सितंबर 2026 को क्षेत्र में एक विशाल जनसभा एवं महारैली का आयोजन किया जाएगा।
बैठक में उपस्थित वक्ताओं ने स्पष्ट किया कि बिंदुखत्ता को राजस्व ग्राम बनाना केवल एक प्रशासनिक मांग नहीं है, बल्कि यह हज़ारों परिवारों के लोकतांत्रिक अस्तित्व, स्वशासन और बुनियादी अधिकारों से जुड़ा विषय है।
इस महत्वपूर्ण बैठक में वनाधिकार संगठन के अध्यक्ष उमेश चंद्र भट्ट, पूर्व सैनिक संगठन अध्यक्ष खिलाफ सिंह दानू, कैप्टन चंचल सिंह कोरंगा, कैप्टन इन्द्र सिंह पनेरी, भरत नेगी, ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष प्रदीप बथयाल, राज्य आंदोलनकारी ललित कांडपाल, हास्य कलाकार जीवन दानू और लोक कलाकार सोहनलाल समेत क्षेत्र के दर्जनों गणमान्य नागरिक एवं कार्यकर्ता मौजूद रहे।


