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लालकुआं / बिंदुखत्ता।

भारतीय सेना की 17 कुमाऊं रेजिमेंट में तैनात और बिंदुखत्ता (इंदिरा नगर-दो) के निवासी नायब सूबेदार भरत सिंह रावत ने एक बार फिर अपने अदम्य साहस और दृढ़ संकल्प का लोहा मनवाया है। उन्होंने 7077 मीटर ऊंचे दुर्गम माउंट कुन पर दूसरी बार सफलतापूर्वक तिरंगा फहराकर उत्तराखंड सहित पूरे देश को गौरवान्वित किया है।

14 जुलाई से शुरू हुआ था अभियान

भारतीय सेना के इस साहसिक पर्वतारोहण अभियान के तहत लद्दाख (केंद्र शासित प्रदेश) के झांस्कर जिला स्थित झांस्कर रेंज में 14 जुलाई 2026 को बेस कैंप से चढ़ाई शुरू हुई थी। खराब मौसम, बर्फीली ढलानों और बेहद चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों का सामना करते हुए अभियान दल ने 17 जुलाई 2026 की सुबह 8:25 बजे शिखर पर पहुंचकर तिरंगा लहराया।

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​इस विशेष अभियान का नेतृत्व 10 डोगरा के लेफ्टिनेंट कर्नल जय प्रकाश कुमार (एसएम) ने किया। दल में 3 जेसीओ और 8 अन्य सैनिकों सहित कुल 28 जांबाज पर्वतारोही शामिल थे, जिन्होंने इस कठिन चोटी को फतह किया।

भरत रावत की ऐतिहासिक दोहरी उपलब्धि

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नायब सूबेदार भरत सिंह रावत के लिए यह पल बेहद ऐतिहासिक है। इससे पहले उन्होंने 18 जुलाई 2023 को पहली बार माउंट कुन पर विजय प्राप्त की थी, और अब ठीक तीन साल बाद 17 जुलाई 2026 को दोबारा इसी शिखर को सफलतापूर्वक समिट कर अपनी असाधारण पर्वतारोहण क्षमता का प्रदर्शन किया है।

क्षेत्र में जश्न का माहौल

भरत रावत की इस शानदार दोहरी सफलता पर बिंदुखत्ता और लालकुआं क्षेत्र में गर्व और भारी उत्साह का माहौल है। पूर्व सैनिक व नगर पंचायत लालकुआं के अध्यक्ष सुरेंद्र सिंह लोटनी ने इसे युवा पीढ़ी के लिए परम प्रेरणादायक बताते हुए भरत रावत को हार्दिक शुभकामनाएं दी हैं।

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​वहीं, पूर्व सैनिक प्रकोष्ठ के जिलाध्यक्ष कैप्टन कुंदन सिंह मेहता ने कहा कि भरत रावत की यह अद्वितीय सफलता न केवल भारतीय सेना के अद्वितीय साहस और कड़े अनुशासन का प्रतीक है, बल्कि यह उत्तराखंड के वीर जवानों की गौरवशाली और समृद्ध परंपरा को एक नई ऊंचाई प्रदान करती है।

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