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पंतनगर/लालकुआं:

​पर्यावरण संरक्षण, कच्चे माल की सुलभ उपलब्धता और क्षेत्र में रोजगार के नए अवसर सृजित करने की दिशा में एक बड़ी पहल करते हुए संचूरी पल्प एंड पेपर (मिल) तथा गोविन्द बल्लभ पंत कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, पंतनगर के बीच एक महत्वपूर्ण दीर्घकालिक समझौता हुआ है।

​31 मार्च 2026 को हुए इस समझौते के तहत विश्वविद्यालय की 200 एकड़ भूमि पर सघन वृक्षारोपण किया जाएगा। इस द्विपक्षीय समझौते पर सेंचुरी मिल के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) अजय कुमार गुप्ता और विश्वविद्यालय के उप नियंत्रक फार्म सत्य प्रकाश कुरील ने हस्ताक्षर किए।

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​हरित आवरण और रोजगार पर जोर

 

​इस अवसर पर सेंचुरी मिल के CEO अजय कुमार गुप्ता ने कहा कि यह संयुक्त प्रयास न केवल उद्योग के लिए कच्चे माल की आपूर्ति सुनिश्चित करेगा, बल्कि उत्तराखंड के हरित आवरण (Green Cover) को बढ़ाने और स्थानीय स्तर पर आजीविका के नए द्वार खोलने में भी मील का पत्थर साबित होगा। उन्होंने इसे पारिस्थितिकी संतुलन की दिशा में एक प्रभावी कदम बताया।

​वृक्षारोपण के बड़े लक्ष्य: 2.50 करोड़ का संकल्प

​सेंचुरी मिल के उपाध्यक्ष नरेश चन्द्रा ने भविष्य की योजनाओं पर प्रकाश डालते हुए बताया कि:

  • ​वर्ष 2025-26: मिल द्वारा सफलतापूर्वक 2.22 करोड़ पौधों का रोपण किया जा चुका है।
  • ​नवाचार: यूकेलिप्टस के उन्नत क्लोन उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए एक अत्याधुनिक ‘मिस्ट चैम्बर’ स्थापित किया गया है।
  • ​आगामी लक्ष्य: वर्ष 2026-27 के लिए मिल ने 2.50 करोड़ वृक्षारोपण का महात्वाकांक्षी लक्ष्य रखा है, जिसके प्रति संस्थान पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
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​क्षेत्र के विकास में अहम भूमिका

​इस समझौते को क्षेत्र के औद्योगिक और कृषि-आधारित विकास के लिए एक बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है। कार्यक्रम के दौरान विश्वविद्यालय के मुख्य महाप्रबंधक डॉ. टी.पी. सिंह, महाप्रबंधक डॉ. आशुतोष सिंह, सेंचुरी मिल के मुख्य वित्त अधिकारी महेंद्र कुमार हरित, उपाध्यक्ष नरेश चंद्रा, अमित गंगवाल और रवि प्रताप सिंह सहित कई गणमान्य अधिकारी उपस्थित रहे।

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​संपादकीय टिप्पणी: यह समन्वय न केवल औद्योगिक जरूरतों को पूरा करेगा, बल्कि ‘सस्टेनेबल डेवलपमेंट’ (सतत विकास) के मॉडल के रूप में भी उभरेगा।

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