बिंदुखत्ता को राजस्व ग्राम बनाने की मांग: 15वें दिन भी जारी रही पदयात्रा, 27 सितंबर की रैली को सफल बनाने का आह्वान
अग्रसर भारत न्यूज (लालकुआं): बिंदुखत्ता को राजस्व ग्राम घोषित करने की मांग को लेकर वन अधिकार संगठन की पदयात्रा लगातार गति पकड़ रही है। शनिवार को 15वें दिन संगठन के कार्यकर्ताओं और सैकड़ों ग्रामीणों ने रावत नगर द्वितीय क्षेत्र में घर-घर जाकर व्यापक जनसंपर्क अभियान चलाया। इस दौरान आगामी 27 सितंबर को आयोजित होने वाली विशाल रैली में अधिक से अधिक संख्या में भाग लेने की अपील की गई। शाम को खुरियाखत्ता स्थित वन देवी मंदिर परिसर में भजन-कीर्तन और नाटक मंचन के जरिए जन-आंदोलन का संदेश जन-जन तक पहुंचाया गया।
प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल, मुख्यमंत्री को भेजा ज्ञापन
पदयात्रा के समापन पर संयोजक अर्जुन नाथ गोस्वामी ने शासन-प्रशासन की नीयत पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि जून 2024 में जिला स्तरीय समिति बिंदुखत्ता को राजस्व ग्राम घोषित कर बंदोबस्त की प्रक्रिया शुरू करने का सर्वसम्मत निर्णय ले चुकी थी, जिसके बाद पत्रावली उत्तराखंड शासन को भेजी गई। इसके बावजूद वर्तमान जिलाधिकारी व जिला स्तरीय समिति द्वारा पत्रावली के पुनः परीक्षण का आदेश देना समझ से परे है।
उन्होंने बताया कि वन अधिकार समिति ने इस निर्णय के विरुद्ध राज्य स्तरीय निगरानी समिति के समक्ष अपनी आपत्ति दर्ज कराई है और हर माह पत्र भेजकर पक्ष रखने का अवसर मांगा जा रहा है, किंतु अब तक कोई सुनवाई नहीं हुई। इसके विरोध में वन अधिकार संगठन और पूर्व सैनिक संगठन ने उपजिलाधिकारी लालकुआं के माध्यम से मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को ज्ञापन प्रेषित कर तत्काल नियमानुसार सुनवाई की मांग की। वक्ताओं ने बिंदुखत्ता से जुड़ी बैठकों में स्थानीय प्रतिनिधियों को न बुलाए जाने पर भी कड़ा आक्रोश व्यक्त किया।
प्रमुख उपस्थिति
इस जनसंपर्क अभियान व पदयात्रा में संगठन अध्यक्ष उमेश भट्ट, दुग्ध संघ निदेशक गोविंद मेहता, अर्जुन नाथ गोस्वामी, कैप्टन चंचल सिंह कोरंगा, बलवंत बिष्ट, खुशाल सिंह कोश्यारी, दौलत सिंह कोरंगा, रमेश गोस्वामी, दीपक रौतेला, भरत नेगी, दीपक जोशी, दीपक नेगी, करम सिंह कोरंगा, नंदन बोरा, सोहन लाल, भूपेश जोशी, दानी कोरंगा, प्रताप बिष्ट, मनोज खोलिया, दिनेश कोरंगा उर्फ डैनी, मीना मेहता, सुनील मेहरा, दुर्गा सिंह मेहता, दुर्गा देवी, लीला देवी, हंसी राणा, नीमा देवी, पुष्पा देवी, मीना देवी और जानकी मेहरा सहित सैकड़ों ग्रामीण व महिलाएं शामिल रहीं।


