लालकुआं।
दिल्ली के जंतर-मंतर पर पेपर लीक के खिलाफ, प्रतियोगी परीक्षाओं में पारदर्शिता व जवाबदेही सुनिश्चित करने, एनटीए (NTA) को रद्द करने और शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर पिछले 22 दिनों से भूख हड़ताल जारी है। इसी क्रम में 20 जुलाई को दिल्ली में होने वाले बड़े प्रदर्शन के आह्वान पर दिल्ली कूच कर रहे युवाओं को पुलिस ने हिरासत में ले लिया।
युवाओं को हिरासत में लिए जाने के विरोध में भाकपा माले (CPI-ML) सहित विभिन्न संगठनों के दर्जनों नेताओं ने लालकुआं कोतवाली में डेरा डाल दिया है। प्रदर्शनकारी नेता कोतवाली में मौजूद पुलिस क्षेत्राधिकारी (CO) लालकुआं और कोतवाली के प्रभारी निरीक्षक से हिरासत में लिए गए दोनों युवाओं को तत्काल बिना शर्त छोड़ने की मांग पर अड़े हुए हैं।
गिरफ्तारी की चौतरफा निंदा
उधर, दिल्ली जंतर-मंतर पर छात्र-युवाओं के मार्च में शामिल होने जा रहे आइसा (AISA) के नैनीताल जिलाध्यक्ष धीरज कुमार और अन्य साथियों को लालकुआं से गिरफ्तार किए जाने की चौतरफा निंदा हो रही है। भाकपा माले के वरिष्ठ नेता डॉ. कैलाश पांडे ने इस पुलिसिया कार्रवाई की कड़े शब्दों में निंदा की है। उन्होंने कहा कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन के लिए दिल्ली जा रहे छात्रों की गिरफ्तारी पूरी तरह से अलोकतांत्रिक और निंदनीय है, प्रशासन उन्हें अविलंब रिहा करे।


