खबर शेयर करें -

वास्तु शास्त्र को ध्यान में रखकर बनाई गई दुकान व्यवसाय में सफलता और समृद्धि लाती है। वास्तु दुकान के लेआउट, प्रवेश द्वार, बाहरी हिस्से और स्थान की व्यवस्था के लिए विशिष्ट सुझाव देता है ताकि व्यवसाय को अधिक ग्राहक और लाभ मिल सके।

दुकान के इंटीरियर को वास्तु के अनुसार उपयुक्त बनाने के लिए यहां कुछ सुझाव दिए गए हैं। अगर आपकी कोई दुकान है तो आपको उसका वास्तु अवश्य जानना चाहिए, क्योंकि दुकान के वास्तु के लिए ‘अनूप’ का होना बहुत जरूरी है, इसके बिना धन की कमी, नकारात्मक ऊर्जा, असफलता, व्यापार में हानि आदि समस्याओं का सामना करना पड़ता है। . वास्तु में कुछ ऐसे नियम हैं जो नकारात्मकता और बुराइयों को दूर करने के साथ-साथ धन और समृद्धि को बढ़ाने में भी मदद करते हैं।

आजकल ज्यादातर लोग अपनी दुकान को वास्तु के अनुसार बनाने की कोशिश करते हैं, ताकि उन्हें अपने व्यवसाय में कोई नुकसान न उठाना पड़े। लेकिन कई बार जगह की कमी और वास्तु नियमों की जानकारी न होने के कारण लोगों को वास्तु दोष की समस्या का सामना करना पड़ता है। कई बार आपको सड़क किनारे दुकानों पर ग्राहकों की लंबी कतारें देखने को मिलती हैं. लेकिन कुछ दुकानें ऐसी भी हैं जहां एक भी ग्राहक नहीं जाता, लेकिन ऐसा क्यों हो रहा है? इसके पीछे वास्तु दोष सबसे बड़ा कारण हो सकता है। ऐसे में कुछ वास्तु उपाय बताए गए हैं, जो आपकी समस्या का समाधान कर सकते हैं।

दुकान में बरकत के लिए करें ये उपाय
वास्तु शास्त्र में दुकान के मुख्य द्वार का बहुत महत्व है। यहीं पर ग्राहक खरीदारी करने आते हैं। इसके अलावा इसी द्वार से माता लक्ष्मी का भी आगमन होता है। इसलिए दुकान का मुख्य द्वार सही दिशा में होना जरूरी है। यदि दुकान का मुख पूर्व दिशा की ओर है तो उसका मुख्य द्वार हमेशा पूर्व या उत्तर-पूर्व दिशा में होना चाहिए।

  1. वहीं, अगर आपकी दुकान दक्षिण दिशा में है तो मुख्य द्वार दक्षिण दिशा में या आग्नेय कोण में होना चाहिए। यदि आपकी दुकान पश्चिम दिशा में है तो उसका मुख्य द्वार उत्तर-पश्चिम या पश्चिम दिशा के बीच में होना चाहिए।
  2. इस बात का भी ध्यान रखें कि दुकान का मुख्य द्वार हमेशा साफ-सुथरा और आकर्षक होना चाहिए। इसे समय-समय पर साफ करें। दुकान के मुख्य दरवाजे के पास गंदी नालियां या मिट्टी नहीं होनी चाहिए।
  3. दुकान के मुख्य द्वार के सामने कभी भी कोई खंभा या विज्ञापन बोर्ड या लंबे लटकते बिजली के तार नहीं होने चाहिए। साथ ही दुकान के सामने किसी भी प्रकार का शोर आदि नहीं होना चाहिए।

बिक्री बढ़ाने के लिए ये कदम उठाएं

  1. वास्तु शास्त्र के अनुसार दुकान का मुख्य दरवाजा हमेशा अंदर की ओर खुलना चाहिए। इससे दुकान में धन की देवी लक्ष्मी का वास होता है और घर में समृद्धि आती है। दुकान का मुख्य द्वार संकरा न होकर चौड़ा होना चाहिए।
  2. वास्तु के अनुसार व्यापार में वृद्धि के लिए इलेक्ट्रॉनिक्स की दुकान उत्तरी कोने में रखनी चाहिए। इसके अलावा कपड़े की दुकान में रखी डमी उत्तर-पश्चिम या उत्तर दिशा में होनी चाहिए।
  3. दुकान के बाहर पश्चिम दिशा में पौधे रखना बहुत शुभ माना जाता है। साथ ही सौभाग्य के लिए उत्तर-पश्चिम दिशा में नौ समुद्री मछलियों और एक काली मछली वाला एक्वेरियम रखें।
ADVERTISEMENTS Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad