
लालकुआं। तराई पूर्वी वन प्रभाग के अंतर्गत डौली रेंज की वन विभाग की टीम ने अवैध रूप से लकड़ी के परिवहन के मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए दो कंटेनर वाहनों को पकड़ा है। दोनों वाहनों से कुल 96.875 घनमीटर आम मिश्रित साखू की लकड़ी बरामद की गई है। लकड़ी के परिवहन से संबंधित वैध दस्तावेज नहीं मिलने पर वन विभाग ने दोनों वाहनों को कब्जे में लेकर वन अपराध पंजीकृत कर लिया है। मामले में लकड़ी के स्रोत और परिवहन से जुड़े अन्य पहलुओं की जांच की जा रही है।
वन क्षेत्राधिकारी प्रदीप कुमार पंत के नेतृत्व में यह कार्रवाई 15 अक्टूबर को मुखबिर से मिली सूचना के आधार पर की गई। प्रभागीय वनाधिकारी राहुल मिश्रा और उप प्रभागीय वनाधिकारी गोला अनिल कुमार जोशी के निर्देशन में अवैध लकड़ी के परिवहन पर अंकुश लगाने के लिए अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में डौली रेंज की टीम ने शांतिपुरी बैरियर पर चेकिंग अभियान शुरू किया।
पहले कंटेनर को रोकने के लिए टीम ने किया पीछा
वन विभाग की जानकारी के अनुसार, 15 अक्टूबर की सुबह करीब 8:30 बजे किच्छा की ओर से आ रहे कंटेनर संख्या HR55AC1565 को शांतिपुरी बैरियर पर रोकने का इशारा किया गया। आरोप है कि चालक वाहन रोकने के बजाय तेज गति से आगे निकल गया। इसके बाद वन विभाग की टीम ने पीछा करते हुए पंतनगर बाईपास के पास कंटेनर को रोक लिया।
वाहन की तलाशी लेने पर उसमें 47.25 घनमीटर आम मिश्रित साखू की लकड़ी मिली। जांच के दौरान चालक लकड़ी के परिवहन से संबंधित वैध अभिलेख प्रस्तुत नहीं कर सका। इसके बाद टीम ने कंटेनर को लकड़ी सहित डौली रेंज परिसर, लालकुआं में खड़ा करा दिया।
दूसरे कंटेनर में 49.875 घनमीटर लकड़ी मिली
इसी दिन दोपहर करीब 12:30 बजे वन विभाग की टीम ने शांतिपुरी बैरियर पर चेकिंग के दौरान दूसरे कंटेनर संख्या UP21DT9890 को रोककर उसकी तलाशी ली। वाहन में 49.875 घनमीटर आम मिश्रित साखू की लकड़ी बरामद हुई।
वन विभाग के अनुसार, इस वाहन के चालक के पास भी लकड़ी के परिवहन से संबंधित वैध दस्तावेज नहीं मिले। इसके बाद दूसरे कंटेनर को भी लकड़ी सहित डौली रेंज परिसर में खड़ा करा दिया गया।
दोनों वाहनों से बरामद लकड़ी की कुल मात्रा 96.875 घनमीटर बताई गई है। वन विभाग अब यह पता लगाने में जुटा है कि लकड़ी कहां से लाई जा रही थी और उसके परिवहन से संबंधित दस्तावेज क्यों उपलब्ध नहीं थे।
भारतीय वन अधिनियम के तहत दर्ज किया गया वन अपराध
वन विभाग ने दोनों मामलों में भारतीय वन अधिनियम, 1927 तथा उत्तरांचल संशोधन, 2001 की संबंधित धाराओं के तहत वन अपराध पंजीकृत किया है। विभाग के अनुसार, मामले की जांच जारी है और तथ्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
इस कार्रवाई के दौरान वन दरोगा पान सिंह मेहता, शाहिद बेग समेत वन विभाग के अन्य कर्मचारी मौजूद रहे।
अवैध लकड़ी के परिवहन पर वन विभाग की नजर
तराई पूर्वी वन प्रभाग में लकड़ी के अवैध परिवहन पर रोक लगाने के लिए चलाए जा रहे अभियान के बीच दो कंटेनरों से इतनी बड़ी मात्रा में लकड़ी बरामद होना महत्वपूर्ण कार्रवाई माना जा रहा है। वन विभाग की जांच में लकड़ी के स्रोत, परिवहन की परिस्थितियों और संबंधित दस्तावेजों को लेकर स्थिति स्पष्ट होने की उम्मीद है।
फिलहाल, दोनों कंटेनर वन विभाग के कब्जे में हैं और मामले में आगे की कार्रवाई जांच के निष्कर्षों के आधार पर की जाएगी।



