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रामनगर। विश्व प्रसिद्ध जिम कॉर्बेट नेशनल पार्क के जंगलों में राष्ट्रीय पक्षी मोर की घटती साइटिंग वन्यजीव प्रेमियों और प्रकृति संरक्षण से जुड़े लोगों के लिए चिंता का विषय बनती जा रही है। कभी जंगलों और आसपास के क्षेत्रों में आसानी से दिखाई देने वाले मोर अब पहले की तुलना में कम नजर आने की बात सामने आ रही है।

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कॉर्बेट क्षेत्र अपनी समृद्ध जैव विविधता और वन्यजीवों की विभिन्न प्रजातियों के लिए जाना जाता है। यहां बाघ, हाथी, हिरण और अनेक प्रकार के पक्षियों की मौजूदगी पर्यटकों को आकर्षित करती है। इसी प्राकृतिक विरासत में मोर भी महत्वपूर्ण स्थान रखता है।

मोर की साइटिंग में कमी के पीछे आवासीय क्षेत्रों में बदलाव, प्राकृतिक आवास पर दबाव, मौसम में परिवर्तन और अन्य पर्यावरणीय कारणों की भूमिका हो सकती है। हालांकि, इसके वास्तविक कारणों का पता लगाने के लिए वैज्ञानिक अध्ययन और नियमित निगरानी जरूरी हैं।

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वन्यजीव संरक्षण के जानकारों के अनुसार, किसी भी प्रजाति की मौजूदगी में बदलाव को समझने के लिए लंबे समय तक किए गए सर्वेक्षण महत्वपूर्ण होते हैं। जंगलों में पक्षियों की गतिविधियों, उनके प्रजनन स्थलों और प्राकृतिक आवास की स्थिति पर नजर रखना आवश्यक है।

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कॉर्बेट की पहचान केवल बाघों तक सीमित नहीं है, बल्कि यहां की समृद्ध पक्षी विविधता भी इसकी बड़ी विशेषता है। ऐसे में राष्ट्रीय पक्षी की घटती साइटिंग को गंभीरता से लेते हुए संरक्षण के प्रयासों को मजबूत करने की जरूरत है।

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By पंकज शर्मा

निष्पक्ष, सटीक और त्वरित समाचार आप तक पहुँचाने के संकल्प के साथ 'अग्रसर भारत' की नींव रखी गई है। डिजिटल मीडिया पत्रकारिता (DJNM) में प्रशिक्षित संपादक पंकज शर्मा के नेतृत्व में हमारा लक्ष्य हर खबर को उसकी सच्चाई और जिम्मेदारी के साथ आपके सामने लाना है।