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देहरादून:अफवाह फैलाने वालों की होगी पहचान , जो निकलेगा दोषी उसके खिलाफ होगी कारवाही जानिए क्या है पूरा मामला

दरअसल पिछले दिनों पर सोशल मीडिया में 54 व्यक्तियों की एक सूची बनाकर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रांत प्रचारक युद्धवीर सिंह की सिफारिश से नौकरी मिलने की सूची वायरल हुई थी, जिसमें 18 विभागों में अलग-अलग संस्थानों में नौकरी दिए जाने का जिक्र किया गया था, लेकिन इस मामले में जब एसटीएफ ने जांच शुरू की तो सभी 18 विभागों ने पत्र लिखकर जानकारी मांगी गई। जिस पर शुरुआती जांच में ही यह साबित हो गया कि यह लिस्ट पूरी तरह से फर्जी थी क्योंकि आयुर्वेद विश्वविद्यालय, उत्तराखंड मुक्त विश्वविद्यालय, कुमाऊं विश्वविद्यालय, श्रीदेव सुमन विश्वविद्यालय, संस्कृत विश्वविद्यालय, लोक निर्माण विभाग, सचिवालय, सैनिक कल्याण विभाग, महिला बाल विकास विभाग, परिवहन विभाग, ग्रामीण विकास विभाग, सहकारिता विभाग, पशुपालन विभाग और खनन विभाग ने अपने जवाब में स्पष्ट कहा है। किस सूची में दर्ज नाम के कर्मचारी उनके वहां कार्यरत ही नहीं है। ऐसे में अब इस सूची को वायरल करने वाले की पहचान की जा रही है और जल्द ही उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

सोशल मीडिया पर आर एस एस के प्रांत प्रचारक की सिफारिश से नौकरी लगने की एक लिस्ट जमकर वायरल हो रही थी। लेकिन अब इस लिस्ट की हकीकत सामने आ गई है यह पूरी तरह से फर्जी पाई गई है। दरअसल आर एस एस के प्रांत प्रचारक ने किसी भी सरकारी विभाग में किसी भी नौकरी के लिए सिफारिश नहीं की है, और इसकी पुष्टि खुद उन 18 विभागों और संस्थानों के जवाब में हुई है जिनमें प्रांत प्रचारक के की सिफारिश पर नौकरी दिए जाने की बात कही गई थी। जिस पर शुरुआती जांच में ही यह साबित हो गया कि यह लिस्ट पूरी तरह से फर्जी थी

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