बिंदुखत्ता (अग्रसर भारत न्यूज)।
वन अधिकार संगठन एवं पूर्व सैनिक संगठन के तत्वावधान में बिंदुखत्ता को राजस्व ग्राम घोषित करने की मांग को लेकर चलाए जा रहा अभियान लगातार जारी है। 15 अगस्त से शहीद स्मारक से शुरू हुई घर-घर पदयात्रा अपने 20वें दिन गुरुवार को शिवपुरी नंबर-6 पहुंची। पदयात्रा में सैकड़ों स्थानीय निवासियों ने हिस्सा लिया।
पदयात्रा के दौरान ग्रामीणों से 27 सितंबर को प्रस्तावित विशाल जनसभा एवं महारैली में अधिक से अधिक संख्या में पहुंचने का आह्वान किया गया। आयोजकों ने उन लोगों से भी सोशल मीडिया के जरिए मुहिम से जुड़ने और इसे मजबूत बनाने की अपील की, जो व्यक्तिगत रूप से यात्रा में शामिल नहीं हो पा रहे हैं।
‘बिंदुखत्ता के साथ हो रहा दोहरा व्यवहार’
वन अधिकार संगठन के नेता नंदन बोरा ने कहा कि उत्तराखंड शासन ने वर्ष 2022 में बिंदुखत्ता सहित 14 टोंगिया ग्रामों को वनाधिकार कानून के तहत राजस्व ग्राम का दर्जा देने का निर्णय लिया था, जिसके लिए समाज कल्याण विभाग को नोडल एजेंसी बनाया गया था।
उन्होंने बताया कि इन 14 ग्रामों में से छह ग्रामों—नैनीताल जिले के रामपुर, लेटी, चोपड़ा और हरिद्वार जिले के कमला नगर, पुरुषोत्तमनगर व हरिपुर को पहले ही राजस्व ग्राम घोषित किया जा चुका है। इन गांवों में वनाधिकार कानून के तहत प्रक्रिया पूरी होने के कारण केंद्रीय वन एवं पर्यावरण मंत्रालय से अलग से अनुमोदन लेने की आवश्यकता नहीं पड़ी।
नंदन बोरा ने आरोप लगाया कि बिंदुखत्ता के मामले में सभी प्रक्रियाएं पूरी होने के बावजूद अधिसूचना जारी करने के बजाय मामले को टालने के लिए वन भूमि अनारक्षण का प्रस्ताव केंद्र सरकार को भेजने की बात कही जा रही है। यह बिंदुखत्तावासियों के साथ स्पष्ट रूप से दोहरा व्यवहार है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि इस संबंध में भारत सरकार के जनजातीय कार्य मंत्रालय के महत्वपूर्ण पत्रों और निर्देशों को दबाया जा रहा है।

उपजिलाधिकारी के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन
पदयात्रा के समापन पर वनाधिकार संगठन के पदाधिकारियों ने उपजिलाधिकारी (एसडीएम) लालकुआं के माध्यम से प्रदेश के मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजा। ज्ञापन में जनजातीय कार्य मंत्रालय के निर्देशों के अनुसार कार्रवाई करते हुए बिंदुखत्ता को शीघ्र राजस्व ग्राम घोषित करने की मांग की गई।
पदयात्रा में ये रहे मौजूद
पदयात्रा में वनाधिकार संगठन के अध्यक्ष उमेश भट्ट, अर्जुन नाथ गोस्वामी, बलवंत बिष्ट, नंदन बोरा, दीपक जोशी, रमेश गोस्वामी, दौलत सिंह कोरंगा, मनोज कोरंगा, दीपक रौतेला, बलवंत सिंह परिहार, जीवन पांडे, करम सिंह कोरंगा, संध्या डालाकोटी, रवींद्र कुमार, हरीश राणा, राजू राणा और बसंती दानू सहित बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक मौजूद रहे।


