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पिछले दिनों शीशमहल इलाके में एक कार चालक किशोर की टक्कर एक व्यक्ति से गई थी। कुछ युवकों ने किशोर को बुरी तरह से पीटा और कार में तोड़फोड़ की। घटना से किशोर इतना घबरा गया कि उसने आत्महत्या कर ली। किशोर के पिता ने युवकों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया है। 

मृत किशोर के पिता ने पुलिस को बताया कि बीती नौ अगस्त को उसका बेटा अपने दोस्तों के साथ कार से लौट रहा था। शाम करीब छह बजे कार निर्मला कॉन्वेंट स्कूल के पास पहुंची तो कार से एक राहगीर टकरा गया। इससे कार चालक किशोर घबरा गया और वापस हल्द्वानी की ओर आने लगा।

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बनभूलपुरा लाइन नंबर आठ निवासी रेहान और उसके तीन साथी अरफराज नसीम, कृष्णा व तनिष्क ने अपनी कार से किशोर की कार का पीछा करने लगे। किशोर ने खुद को बचाने के लिए कार को एक गली में मोड़ दिया। वहां उन लोगों ने कार को जबरन रोक लिया और रेहान ने पत्थर मारकर कार का पिछला और बोनट पर चढ़कर अगला शीशा तोड़ दिया। इसके बाद भी किशोर किसी तरह से वहां से निकल भागा और पास में एक खाली प्लॉट में कार को खड़ा कर दिया।

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चारों आरोपी उसे ढूंढते हुए वहां भी पहुंच गए और देवाशीष होटल के गेट के पास किशोर को बुरी तरह से मारने लगे। साथ ही उसे व परिवार को जान से मारने की धमकी दी। घटना के बाद किशोर लहुलुहान हाल में दमुवाढूंगा स्थित अपने घर पहुंचा। 10 अगस्त की सुबह किशोर के मामा ने देखा कि वह अपने कमरे में पंखे के सहारे फंदे पर लटका है। उसे तुरंत सोबन सिंह जीना बेस अस्पताल लेकर गए जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।

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मृतक के पिता मर्चेंट नेवी में नौकरी करते हैं और घटना के समय वह अमेरिका के मियामी में तैनात थे। 13 अगस्त को वह हल्द्वानी पहुंचे। पुलिस ने बताया कि प्रारंभिक जांच में पता चला है कि किशोर को आरोपी युवकों ने मॉबलिंचिंग कर प्रताड़ित किया है और आत्महत्या के लिए मजबूर किया। एसओ काठगोदाम विमल मिश्रा ने बताया कि आरोपियों के खिलाफ बीएनएस की धारा 115, 108, 309 (4), 324(2), 351(3) और 352 के तहत नामजद मुकदमा दर्ज किया गया है।

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