रुद्रपुर (अग्रसर भारत): शहर के प्रतिष्ठित संस्थान ‘मंगलम’ में खाद्य सुरक्षा और स्वच्छता की धज्जियां उड़ाने वाला एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। यहाँ परोसे गए गुलाब जामुन के अंदर से बाल निकलने पर जब उपभोक्ता ने आपत्ति जताई, तो प्रबंधन अपनी गलती सुधारने के बजाय उसे ‘रिश्वत’ देकर चुप कराने की कोशिश करता नजर आया।
लालच देकर मामला दबाने की कोशिश
हैरानी की बात तब हुई जब बाल निकलने की शिकायत पर मंगलम के मालिक ने उपभोक्ता से माफी मांगने या सुधार करने के बजाय सौदेबाजी शुरू कर दी। मालिक ने उपभोक्ता को चुप कराने के लिए प्रस्ताव रखा— “प्लीज, आप चाहें तो मैं आपके बच्चों के लिए घर ले जाने को आइसक्रीम पैक कर देता हूँ।” उपभोक्ता की सेहत से खिलवाड़ के बाद इस तरह का ‘प्रलोभन’ देना संस्थान की गैर-जिम्मेदाराना कार्यशैली को दर्शाता है।
CCTV में कैद हुआ पूरा घटनाक्रम
यह पूरा बवाल और मालिक द्वारा दी गई इस ‘आइसक्रीम डील’ की बातचीत मंगलम के अपने ही कैमरों में रिकॉर्ड हो चुकी है।
- साक्ष्य: यदि जिला प्रशासन और खाद्य सुरक्षा विभाग निष्पक्ष जांच करना चाहे, तो मंगलम के CCTV फुटेज खंगाल सकता है।
- फुटेज की मांग: उपभोक्ता और स्थानीय जनता ने मांग की है कि इस वीडियो और फोटो के आधार पर संस्थान के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाए ताकि रसूखदार मालिक जनता की सेहत को ‘आइसक्रीम’ के डिब्बे से न तौल सकें।
अग्रसर भारत का सवाल: क्या बिक जाएगी जनता की सेहत?
रुद्रपुर की जनता अब सोशल मीडिया पर पूछ रही है कि क्या एक बाल वाली मिठाई के बदले आइसक्रीम का डिब्बा लेकर अपनी सेहत से समझौता कर लेना चाहिए? मंगलम जैसे संस्थानों को यह समझना होगा कि ग्राहकों का भरोसा गुणवत्ता से बनता है, मुफ्त के ऑफर से नहीं।
विभागीय चुप्पी पर उठ रहे सवाल
घटना के इतने साक्ष्य मौजूद होने के बावजूद अभी तक विभाग की ओर से कोई बड़ी छापेमारी या जांच शुरू नहीं की गई है। क्या प्रशासन मंगलम के रसूख के आगे नतमस्तक है या फिर जांच के नाम पर केवल खानापूर्ति की जाएगी?
ब्यूरो रिपोर्ट: पंकज शर्मा (अग्रसर भारत)


