हल्द्वानी (नैनीताल):
लोकतंत्र के चौथे स्तंभ पर बढ़ते हमलों और पत्रकारों के उत्पीड़न के खिलाफ हल्द्वानी के मीडिया जगत में भारी आक्रोश व्याप्त है। खटीमा के वरिष्ठ पत्रकार दीपक फुलेरा पर समाचार प्रसारण के दौरान मुकदमा दर्ज किए जाने के विरोध में ‘हिमालय डिजिटल मीडिया संगठन’ ने कड़ा रुख अपनाया है।
मामला क्या है?
दरअसल, खटीमा क्षेत्र में पिछले दिनों गैस किल्लत से जूझ रही जनता की समस्याओं को पत्रकार दीपक फुलेरा ने प्रमुखता से प्रकाशित किया था। जनहित के इस मुद्दे को उठाने और प्रशासन का ध्यान आकृष्ट करने के उद्देश्य से किए गए इस कार्य को आधार बनाकर उनके विरुद्ध मुकदमा दर्ज कर लिया गया।
सूचना विभाग को सौंपा ज्ञापन
शुक्रवार को हिमालय डिजिटल मीडिया संगठन के बैनर तले प्रिंट, इलेक्ट्रॉनिक और डिजिटल मीडिया से जुड़े तमाम पत्रकारों ने हल्द्वानी में एकत्रित होकर अपना विरोध दर्ज कराया। पत्रकारों के प्रतिनिधिमंडल ने सूचना एवं लोक संपर्क विभाग के अपर निदेशक श्री आशीष त्रिपाठी को मुख्यमंत्री के नाम एक ज्ञापन सौंपा।
अभिव्यक्ति की आजादी पर हमला
ज्ञापन के माध्यम से पत्रकारों ने स्पष्ट किया कि जनसमस्याओं को उजागर करना पत्रकारिता का मूल धर्म है और इसे अपराध की श्रेणी में रखना न्यायोचित नहीं है। मीडियाकर्मियों ने एक स्वर में कहा कि इस प्रकार की दमनकारी कार्रवाई न केवल निष्पक्ष पत्रकारिता का गला घोंटने की कोशिश है, बल्कि यह अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर भी सीधा प्रहार है।
प्रमुख मांगें:
पत्रकारों ने शासन और प्रशासन से मांग की है कि दीपक फुलेरा के खिलाफ दर्ज मुकदमे को तत्काल प्रभाव से निरस्त किया जाए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि पत्रकारों का उत्पीड़न बंद नहीं हुआ और फर्जी मुकदमे वापस नहीं लिए गए, तो मीडिया संगठन प्रदेश व्यापी आंदोलन के लिए मजबूर होंगे।


