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सामान्य लोक सभा निर्वाचन 2024 आदर्श आचार संहिता लगने के पश्चात प्रिंट एवं इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के कार्यों और कवरेज की निगरानी के लिए निर्वाचन कार्यालय द्वारा गठित टीम एमसीएमसी के सदस्यों को नगर निगम सभागार में प्रशिक्षण दिया गया।

कार्यों के बारे में सहायक नोडल अधिकारी एमसीएमसी विशाल मिश्रा ने बताया कि आचार संहिता में एमसीएमसी की निगरानी टीम और मीडिया द्वारा आचार संहिता के दौरान किस प्रकार का कवरेज किया जाना है, यह जानना जरूरी है.

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उन्हांने पेड न्यूज, भ्रामक (फेक) न्यूज के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई। उन्होंने बताया कि फेक न्यूज में अभ्यर्थी का दुष्प्रचार, भ्रामक न्यूज, वीवीपैट मशीन के बारे में भ्रामक न्यूज, इलेक्ट्रॉनिक मीडिया या प्रिन्ट मीडिया के करने पर एमसीएमसी की टीम संबंधित मीडिया संस्थान/सोशल मीडिया के इंचार्ज को भ्रामक खबर जारी करने और रोकने के लिए कार्रवाई के साथ ही निर्वाचन आयोग के निर्देशों में कार्यवाही अमल में लाई जायेगी।

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मिश्रा ने मीडिया प्रमाणन, पेड न्यूज की पहचान करना, उसका प्रभाव व स्वरूप, मीडिया अनुश्रवण, राजनैतिक विज्ञापनों से सम्बन्धित खर्चों की देख-रेख उसक समस्त लेखा व्यय टीम को प्रस्तुत करने के साथ ही मीडिया कवरेज व मीडिया प्रविधान के बारे में विस्तार से बताया।

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उन्होंने कहा कि प्रिन्ट, इलेक्ट्रॉनिक, वेब पोर्टल, वेबसाईट, सोशल मीडिया में किया गया पैड न्यूज का व्यय रिपोर्टिंग के बाद कार्रवाई में अभ्यर्थी के व्यय में जोड़ा जाएगा। एमसीएमसी के अन्य कार्यों में चुनाव के अभ्यर्थी का विज्ञापन में व्यक्तिगत आक्षेप, लांछन, राष्ट्र की गरिमा, अस्मिता, प्रभुता जातिगत, धर्म, समुदाय, पंथ का उल्लंघन और अश्लील तो नही है, की निगरानी करना भी है।

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