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गौला पुल को पहले उत्तर प्रदेश निर्माण निगम ने बनाया था। तब इसकी लागत साढ़े नौ करोड़ थी। मानसूनी बारिश शुरू होते ही गौला पुल को खतरा हो गया है। पिछले साल बड़ा हिस्सा गायब होने की वजह से फिलहाल पुलिस-प्रशासन ने बैरीकेड लगा रास्ते को बंद कर दिया है। बारिश अधिक हुई तो खतरा बढ़ सकता है।

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मानसूनी बारिश शुरू होते ही गौला पुल को खतरा हो गया है। बनभूलपुरा से गौला पुल पर चढ़ते ही किनारे पर गहरा गड्ढा हो गया है। पिछली बरसात में भी सड़क इसी जगह से धंसी थी। तब इसकी मरम्मत कराई गई थी। बारिश अधिक हुई तो खतरा बढ़ सकता है।

बैरीकेड लगा रास्ते को बंद कर दिया

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इंदिरानगर बाईपास स्थित गौला के नए पुल की सड़क भारी बारिश की वजह से गायब होने लगी है। गौलापार व चोरगलिया के हजारों लोगों के अलावा खटीमा व उत्तर प्रदेश की गाड़ियां तक इससे होकर गुजरती थी। पिछले साल बड़ा हिस्सा गायब होने की वजह से फिलहाल पुलिस-प्रशासन ने बैरीकेड लगा रास्ते को बंद कर दिया है। स्थानीय प्रशासन के अलावा सीएम ने भी इस मार्ग का निरीक्षण किया था। जिसके बाद काम ने तेजी पकड़ी और मार्ग खुल गया था।

गौला पुल को पहले उत्तर प्रदेश निर्माण निगम ने बनाया था। तब इसकी लागत साढ़े नौ करोड़ थी। जुलाई 2008 में यह पुल टूट गया था। तब इसके पिलर ही गायब हो गए थे। उसके बाद कंस्ट्रक्शन कंपनी वुडहिल इंफ्रास्टकचर लिमिटेड ने इसे बनाया। तीन चरण में कुल 19.77 करोड़ रुपये खर्च हुए थे। पुल की कुल लंबाई 364.76 है। लेकिन 13 साल बाद ही पुल की सड़क टूटने से एक बार फिर से हजारों लोगों के सामने संकट खड़ा हो गया है।

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मौसम के पूर्वानुमान के अनुसार यात्रा प्लान करें: एसएसपी

एसएसपी पंकज भट्ट का कहना है कि भारतीय मौसम विज्ञान विभाग ने सोमवार से 13 जुलाई तक जिले में अत्यधिक वर्षा का रेड व आरेंज अलर्ट जारी किया है। अत्यधिक बारिश से नदी-नालों में बाढ़ का खतरा रहता है। संवेदनशील स्थलों में भूस्खलन व बोल्डर गिरने की संभावनाएं बढ़ जाती हैं। इसलिए मौसम के पूर्वानुमान के अनुसार ही अपनी यात्रा प्लान करें।

एसएसपी ने सभी थाना प्रभारियों को निर्देश दिए हैं कि सावधानी व सुरक्षा बनाए रखने के लिए सूचनाओं का आदान-प्रदान किया जाए। आपदा व दुर्घटना की स्थिति में स्थलीय कार्रवाई हो। राष्ट्रीय व राज्य मार्ग के बाधित होने की दशा में उसे तत्काल खुलवाने के लिए संबंधित विभाग को सूचित दे दें। थाना प्रभारी अपने क्षेत्र के राजस्व उपनिरीक्षक, ग्राम विकास अधिकारी, ग्राम पंचायत अधिकारी से समंवय स्थापित करें।

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चौकी, फायर स्टेशन व एसडीआरएफ की टीमें आपदा संबंधी उपकरणों व वायरलेस से 24 घंटे हाई अलर्ट मोड में रहेंगे। लोग व पर्यटक नदी का जलस्तर कम होने पर ही नदी को पार करें और आपात स्थिति में पुलिस कंट्रोल रूम के आपातकालीन नंबर डायल 112, 9411112979, 05942–235847, 05946–220019 पर तत्काल सूचना दें।

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